05 अगस्त 2026 की मंत्रिपरिषद बैठक में विकास, जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए।
रायपुर। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 05 अगस्त 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, जनकल्याण, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास को गति देना, आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाना है।

बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रिपरिषद ने जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निर्णयों को मंजूरी प्रदान की। सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मंत्रिपरिषद ने कृषि और ग्रामीण विकास को मजबूत करने, उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने तथा नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए भी कई नीतिगत निर्णय लिए गए।
बैठक में सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति समुदायों के विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन से जुड़े विषयों पर भी महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। मंत्रिपरिषद ने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध निगरानी के निर्देश भी दिए, ताकि जनता को योजनाओं का लाभ शीघ्र और पारदर्शी तरीके से मिल सके।
राज्य सरकार का मानना है कि मंत्रिपरिषद के ये निर्णय विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, निवेश का वातावरण बेहतर होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।
सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मंत्रिपरिषद के निर्णयों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही योजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनके परिणामों का मूल्यांकन भी किया जाएगा, जिससे विकास की गति निरंतर बनी रहे और प्रदेश के नागरिकों को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।



