मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत रविदास के समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और भक्ति के विचार विकसित एवं सशक्त भारत की मजबूत आधारशिला हैं।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और भक्ति का जो संदेश दिया, वही आज विकसित, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को एकता, भाईचारे और मानवता के सूत्र में बांधने की प्रेरणा भी देती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने जाति, ऊंच-नीच और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाई तथा सभी मनुष्यों को समान दृष्टि से देखने का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और सभी नागरिकों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। संत रविदास के आदर्श सामाजिक न्याय और समान भागीदारी की भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। जब समाज में समानता, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना मजबूत होगी, तभी देश वास्तविक अर्थों में विकसित और आत्मनिर्भर बन सकेगा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने कर्म, सेवा और भक्ति को जीवन का आधार माना। उनके संदेश हमें यह सिखाते हैं कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है। उनके विचार वर्तमान समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। सामाजिक एकता और राष्ट्रीय विकास के लिए उनके आदर्शों का अनुसरण करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से संत रविदास के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समरस समाज, समान अवसर और सामाजिक सद्भाव ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत रविदास के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में भाईचारे, न्याय और समानता की भावना और अधिक सशक्त होगी।



