LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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मध्य प्रदेश

मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया – मध्यप्रदेश में अति शीघ्र स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू की जानी है

भोपाल 
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में अति शीघ्र स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू की जानी है। इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) अंतर्गत राशन सामग्री प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की ई-केवायसी शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाना है। फरवरी 2025 से ई-केवायसी के लिये चलाये जा रहे अभियान में 1 करोड़ 11 लाख हितग्राहियों की ई-केवाईसी करायी गयी है। साथ ही प्रदेश के कुल 5.32 करोड़ हितग्राहियों में से 4.74 करोड़ हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण हो गयी है। यह मध्यप्रदेश के कुल हितग्राहियों का 89% है।

मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि मध्यप्रदेश में ई-केवायसी से शेष 54.8 लाख पात्र हितग्राहियों का भी ई-केवाईसी जून माह में किया जाना है। इन हितग्राहियों की ई-केवायसी जून माह में पूर्ण कराने के लिये पूरे प्रदेश में ग्राम एवं वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर ई-केवायसी करने के निर्देश समस्त कलेक्टर्स को जारी किये गये हैं। अभियान के विषय में अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा प्रदेश के सभी संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टर्स को अभियान को प्राथमिकता में लेकर ई-केवायसी के लिये सभी आवश्यक प्रयास करने के लिये निर्देशित किया गया है।

हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाईल फोन पर ई-केवायसी की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है। इसके लिए मध्यप्रदेश के हितग्राहियों के लिए मेरा ई-केवायसी एप प्रदेश में लांच किया गया है। इस एप के माध्यम से राशन लेने वाले वृद्ध, दिव्यांग, छोटे बच्चे आदि कोई भी हितग्राही किसी भी एन्ड्राईड मोबाईल फोन से अपना व अपने परिवारजनों का आधार नम्बर व ओटीपी दर्ज करके घर बैठे ई-केवायसी कर सकते हैं।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रदेश के सभी राशन लेने वाले हितग्राही, जिन्होंने अभी तक ई-केवायसी नहीं करवाई है, उन सभी से अपील की है कि मोबाईल फोन अथवा पीओएस मशीन से अतिशीघ्र अपनी व अपने परिवारजनों की शतप्रतिशत ई-केवायसी पूर्ण करायें। इससे आप सभी को राशन प्राप्त करने में सुविधा होगी। 

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Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.