भुवनेश्वर: ओडिशा ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग और बिक्री के मामले में देश के अन्य सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। राज्य के वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने इस बड़ी उपलब्धि की घोषणा करते हुए बताया कि जून 2026 में ओडिशा में कुल वाहन बिक्री का 17 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों का रहा, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 12 प्रतिशत है। मंत्री जेना ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व को दिया है, जिसे उन्होंने ‘पूर्वोदय के प्रवेश द्वार ओडिशा के लिए प्रधानमंत्री का एक और महत्वपूर्ण योगदान’ बताया।
ओडिशा की ऐतिहासिक उपलब्धि
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बीच, ओडिशा का यह प्रदर्शन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य में बेचे गए कुल वाहनों में से 17 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन थे, जो राष्ट्रीय औसत 12 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह आंकड़ा न केवल ओडिशा के नागरिकों के बीच हरित परिवहन के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों और केंद्रीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का भी प्रमाण है। परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट साझा कर इस उपलब्धि की जानकारी दी, जिससे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है।
‘पीएम ई-ड्राइव’ योजना का अहम योगदान
ओडिशा की इस शानदार सफलता में केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-ड्राइव‘ योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने बताया कि इस योजना के तहत ओडिशा को ₹40.50 करोड़ से अधिक का अनुदान प्राप्त हुआ है। इस वित्तीय सहायता का मुख्य उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और उपयोग को तेजी से बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, यह अनुदान चार्जिंग स्टेशन और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के नेटवर्क को मजबूत करने में भी सहायक रहा है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में महत्वपूर्ण है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अक्सर ईवी अपनाने में एक बड़ी बाधा होती है, और केंद्र सरकार की यह योजना इस समस्या को दूर करने में प्रभावी साबित हुई है। मंत्री जेना ने इस सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “केंद्र सरकार की ओर से हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार सहयोग मिल रहा है।”
हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम
ओडिशा सरकार ने हरित परिवहन को नया आयाम देने और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के मद्देनजर, हरित परिवहन समाधानों को अपनाना समय की मांग है। इलेक्ट्रिक वाहन न केवल जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करते हैं, बल्कि वायु प्रदूषण को भी घटाते हैं, जिससे शहरों में हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है। मंत्री विभूति भूषण जेना ने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि यह उपलब्धि राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास की राह पर आगे बढ़ाएगी, जिससे ओडिशा एक हरित और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर होगा।
आगे की राह
ओडिशा की यह सफलता अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन सकती है। इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए मजबूत सरकारी नीतियों, पर्याप्त वित्तीय प्रोत्साहन, और एक सुदृढ़ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का होना आवश्यक है। ओडिशा ने इन सभी मोर्चों पर प्रभावी ढंग से काम करके यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में किए गए प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं। राज्य सरकार अब इस गति को बनाए रखने और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच को और बढ़ाने की योजना बना रही है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों तक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देना शामिल हो सकता है। यह कदम ओडिशा को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हरित परिवहन के एक मॉडल के रूप में स्थापित करेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों को बल मिलेगा।




