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उत्तर प्रदेश

यूपी में आंधी-बारिश का कहर: सीएम योगी ने मंत्रियों को फील्ड पर उतरने का दिया निर्देश

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई भीषण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसमें 96 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 मई 2026 को सभी प्रभारी मंत्रियों और जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से ज़मीन पर उतरने और प्रभावित लोगों तक पहुँचकर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक कहर

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दक्षिणी राजस्थान से आ रही पुरवा हवाओं के कारण 100 किमी प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से चली आंधी ने भयावह रूप ले लिया। इसके साथ ही भारी बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण पूरे प्रदेश में बिजली के खंभे, दीवारें, टीनशेड और पेड़ धराशायी हो गए, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ। आपदा से प्रभावित 96 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए। यह मौसमी घटना राज्य के लिए एक अप्रत्याशित झटका थी, जिसने अचानक ही कई क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया।

सर्वाधिक प्रभावित जिले और नुकसान

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आंधी-तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में भदोही रहा, जहां 18 लोगों की मौत हुई। इसके बाद प्रयागराज में 17, मिर्जापुर में 15, और फतेहपुर में 10 लोगों ने जान गंवाई। अन्य जिलों में भी भारी नुकसान हुआ, जैसे उन्नाव और बदायूं में 6-6 मौतें, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4 मौतें दर्ज की गईं। सीतापुर, रायबरेली, चंदौली, कानपुर देहात, हरदोई, संभल में 2-2 लोगों की जान गई, जबकि कौशांबी, शाहजहांपुर, सोनभद्र और लखीमपुर में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात अवरुद्ध होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह आँकड़े राज्य में आपदा की गंभीरता को दर्शाते हैं।

सीएम योगी का सख्त निर्देश और राहत कार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्यों के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों से अपील की है कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें और उन्हें तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को भी निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि राहत राशि और अन्य सहायता तुरंत प्रभावित परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने दो टूक कहा है कि “लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी।” इस निर्देश के बाद जिलाधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत राशि पहुंचानी शुरू कर दी है, जिससे पीड़ितों को कुछ हद तक राहत मिली है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।

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आगे की राह

उत्तर प्रदेश सरकार अब इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने और पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और वे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए राज्य की तैयारी और अधिक पुख्ता हो। इसके लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनाने और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके और लोगों को उनके पैरों पर खड़ा होने में मदद मिल सके।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।