LIVE बुधवार, 13 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
मध्य प्रदेश

शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिये एससीईआरटी को सुदृढ़ करें : स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह

भोपाल
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार के लिये राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसके लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाये। शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से निरंतर अपडेट रखा जाये। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से शुरू हो रहे नये शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की नामांकन दर को बढ़ाने के लिये समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह बुधवार को मंत्रालय में नई शिक्षा नीति-2020 की टॉस्क फोर्स समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में टॉस्क फोर्स के सदस्यों ने विभिन्न विषयों से जुड़े सुझाव दिये।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में शैक्षणिक कार्य से लगे शिक्षकों पर प्रशासनिक कार्यों का भार कम किया जाये। शिक्षक शालाओं में उपलब्ध संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग करें, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन दर को बढ़ाने के लिये प्राध्यापकों को जिम्मेदारी दी गयी है। वे उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिये स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) देने के बाद उनके पुन: प्रवेश की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करेंगे। शिक्षा विभाग का मैदानी अमला शालावार इसकी समीक्षा करना सुनिश्चित करे। बैठक में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर योग की शिक्षा देने का भी सुझाव दिया गया।

नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन

बैठक में बताया गया कि 4473 पूर्व प्राथमिक शालाओं में करीब एक लाख बच्चे दर्ज हैं। इन शालाओं के शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल और शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी के साथ पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में दर्ज बच्चों को पीएम पोषण उपलब्ध कराने के लिये शिक्षा पोर्टल पर प्रावधान किया गया है। करीब 40 हजार आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। मिशन अंकुर के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं में लर्निंग किट और जादूई पिटारा उपलब्ध कराया गया है। कक्षा-1 और 2 के बच्चों और अभिभावकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिये एफएलएन मेला आयोजित किया गया है। इस मेले के माध्यम से छोटे बच्चों के अभिभावकों को बच्चे की क्षमता के बारे में कार्ड दिये जाने की व्यवस्था है। फ्लोर गेम के अंतर्गत बच्चों को पढ़ाई में रुचि जागृत करने के लिये खेल आधारित शिक्षा की व्यवस्था की गयी है।

विज्ञापन
Advertisement

ड्रॉप आउट कम करना और शिक्षा की सार्वभौमिक पहुँच

विद्यार्थियों के लिये ऑनलाइन ट्रेकिंग की व्यवस्था की गयी है। इस वर्ष छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल की व्यवस्था शैक्षिक सत्र के साथ हो, इसके लिये विभाग द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें अप्रैल माह में ही उपलब्ध करा दी जायेंगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में 3471 हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में अत्याधुनिक आईसीटी लैब तैयार की गयी है। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के 44 हजार शिक्षकों को टेबलेट के लिये राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है।

टॉस्क फोर्स समिति की बैठक में अध्यक्ष प्रदेश एवं शुल्क विनियामक समिति श्री रवीन्द्र कान्हेरे, हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक श्री अशोक कड़ैल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल श्री कृष्णदेव त्रिपाठी, पूर्व आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, पूर्व अपर संचालक लोक शिक्षण श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

 

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.