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पंजाब

चंडीगढ़ में महिलाओं में बढ़ी एनीमिया की समस्या, जंक फूड को बताया प्रमुख कारण; संसद रिपोर्ट में खुलासा

 चंडीगढ़
 सिटी ब्यूटीफुल में महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) पाई गई है। 15 से 49 वर्ष की 60.3 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी से जूझ रही। इसकी एक वजह ज्यादा जंक फूंड खाना बताई जा रही है। इस बात की जानकारी केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय की ओर से संसद में पेश रिपोर्ट में हुआ है।

लाेकसभा में पेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ की महिलाओं की स्थिति पंजाब व हिमाचल प्रदेश से अधिक खराब है। पंजाब में 58.7 व हिमाचल में 53 प्रतिशत एनीमिया से पीड़ित है। डॉक्टरों के अनुसार ग्रामीण महिलाओं के मुकाबले शहरी महिलाओं में रेड बल्ड सेल की कमी का कारण जंक फूड का अधिक सेवन है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड में आयरन की मात्रा नहीं होती है। इनका अधिक सेवन सेहत के साथ खिलवाड़ करना है। केंद्र सरकार की ओर से एनीमिया के संकट से निपटने के लिए कई योजनाओं को लागू किया गया है। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग आंगनबाड़ियों में जाकर महिलाओं को पोषण के बारे में समय -समय पर जागरूक कर रहा है।

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश      स्थिति 
चंडीगढ़                            60.3%
पंजाब                              58.7%
हरियाणा                         60.4%
हिमाचल प्रदेश                53.0%
जम्मू-कश्मीर                 65.9%

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डॉक्टरों ने यह बताई वजह
डाॅक्टरों के अनुसार एनीमिया का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी होना है, जब शरीर में रेड बल्ड सेल धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। इसके साथ बाडी को जरूरत के अनुसार डाइट नहीं मिलती तो इससे खून की कमी होने लगती है।

भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान को लेकर अनदेखी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रही है। खास तौर पर महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हैं। इसका मुख्य कारण असमय व असंतुलित भोजन करना है।

कामकाजी महिलाएं जहां फास्ट फूड व अनियमित खानपान की आदत के कारण एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो रही हैं, वहीं गृहणी खुद के सेहत की अनदेखी से बीमारियों की चपेट में आ रही हैं।

बार-बार सिरदर्द होना, चिड़चिड़ा, फटी या लाल जीभ, भूख कम लगना, कमजोरी, थकान, पीली त्वचा, सांस की तकलीफ, हाइपरटेंशन यह सब शरीर में खून की कमी के लक्षण हो सकते है।

यह चिंता का विषय क्यों है?
क्लिनिकल हेमेटोलॉजी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डॉ. अरिहंत जैन बताते हैं, “कार्यरत महिलाएं असंतुलित आहार के कारण एनीमिया से विशेष रूप से प्रभावित होती हैं। आयरन की कमी से लाल रक्त कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं, और अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।”

इस समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) कार्यक्रम भी शुरू किया था। इस प्रमुख पहल का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और किशोरों सहित छह लक्षित समूहों में इस बीमारी को कम करना है।

आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि उचित आहार संबंधी आदतों से एनीमिया को नियंत्रित किया जा सकता है, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन शामिल है। एनीमिया के प्रसार और इसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए जन स्वास्थ्य पहल और जागरूकता अभियान आवश्यक हैं।

एनीमिया क्या है?
शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी होने पर एनीमिया हो जाता है, जिसका मुख्य कारण आयरन की कमी है। इससे थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। महिलाएं, विशेषकर प्रजनन आयु की महिलाएं, मासिक धर्म में रक्तस्राव और आहार में आयरन की अपर्याप्त मात्रा के कारण एनीमिया के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं।

खून बढ़ाने के लिए इनका करें सेवन

  •     आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे बीफ, मीट, बीन्स, दाल, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां और सूखे मेवे।
  •     फल और फलों के रस, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां, हरी मटर, राजमा, मूंगफली और अनाज प्रोडक्ट्स
  •     विटामिन बी 12- विटामिन बी-12 से भरपूर खाद्य पदार्थों में मांस, डेयरी प्रोडक्ट और सोया
  •     विटामिन सी- विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में खट्टे फल और जूस, मिर्च, ब्रोकोली, टमाटर, तरबूज आदि का सेवन करें।

 

Rana Sikander
लेखक / Author

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.