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अध्यात्म

आज है हनुमान जन्मोत्सव, संकटमोचन की इन 5 शक्तियों में छिपा है सफलता का मंत्र, आत्मविश्वास से होगा बेड़ा पार

 आज 2 अप्रैल को  हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रह  . हर वर्ष यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है.आज के दिन हनुमान जी की पूजा-उपासना करना बहुत ही शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में हनुमान जी को भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त और अपार शक्ति का प्रतीक बताया गया है. उन्हें साहस, समर्पण और अटूट विश्वास का रूप माना जाता है.

मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से डर, बीमारी और नकारात्मकता दूर होती है और व्यक्ति को जीवन में सही दिशा मिलती है. आज के समय में जब लोग किसी न किसी परेशानी से गुजर रहे हैं तो ऐसे में हनुमान जी से जुड़ी कथाएं हमें हिम्मत और सकारात्मक सोच देती हैं. ये सिर्फ पौराणिक कथाएं नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने और आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाती हैं. हनुमान जयंती के मौके पर आइए उनकी कुछ खास शक्तियों और उनसे मिलने वाली सीख को समझते हैं.

1. भक्ति ही सबसे बड़ी ताकत
हनुमान जी की सबसे बड़ी शक्ति उनकी श्रीराम के प्रति भक्ति थी. वे हर काम करने से पहले प्रभु को याद करते थे. यही वजह थी कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी वे सफल हुए. इससे सीख मिलती है कि सच्चा विश्वास और समर्पण हमें मजबूत बनाता है.

2. साहस और समझदारी- पर्वत उठाने की कथा
जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे, तब उन्हें बचाने के लिए संजीवनी बूटी लानी थी. हनुमान जी को जब सही जड़ी-बूटी पहचान में नहीं आई, तो वे पूरा पर्वत ही उठा लाए. यह दिखाता है कि मुश्किल समय में सही फैसला और हिम्मत कितनी जरूरी होती है.

3. आत्मविश्वास- समुद्र पार करना
लंका जाने के लिए हनुमान जी ने एक ही छलांग में समुद्र पार कर लिया था. उन्होंने बिना डर के अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया. यह कहानी सिखाती है कि अगर आत्मविश्वास मजबूत हो, तो बड़ी से बड़ी दूरी भी छोटी लगने लगती है.

4. बुद्धि और चालाकी- लंका में प्रवेश
जब हनुमान जी लंका पहुंचे, तो उन्होंने सूक्ष्म रूप धारण कर माता सीता को खोजा था. उन्होंने अपनी समझदारी से हर चुनौती का सामना किया था और सही समय पर सही कदम उठाया था. इससे सीख मिलती है कि केवल ताकत ही नहीं, बल्कि बुद्धि भी उतनी ही जरूरी है.

5. अन्याय के खिलाफ खड़े होना- लंका दहन
हनुमान जी ने रावण के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और पूरी लंका को जला दिया था. यह दिखाता है कि गलत के सामने चुप नहीं रहना चाहिए. सही के लिए खड़ा होना भी एक बड़ी ताकत है.

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.