बाज़ार
लाइव भाव लोड हो रहे हैं…
छत्तीसगढ़

कनहर बांध से पानी छोड़ा गया: छत्तीसगढ़ की बारिश के बाद तीन फाटक खुले, विभाग अलर्ट

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित कनहर बांध का जलस्तर 261.300 मीटर तक पहुँचने के बाद, जल संसाधन विभाग ने तत्काल प्रभाव से तीन फाटक खोल दिए हैं। यह कदम पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बांध में पानी की अभूतपूर्व आवक को देखते हुए उठाया गया है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद डूड्डी और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए उच्च अलर्ट जारी कर दिया गया है, और प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं।

कनहर बांध की स्थिति और जलस्तर में वृद्धि

कनहर बांध, जो कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में कनहर नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजना है, इसका जलस्तर तेजी से बढ़ा है। यह बांध उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं के पास स्थित है, और इसका जलग्रहण क्षेत्र छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से को कवर करता है। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी अत्यधिक मानसूनी वर्षा के कारण कनहर नदी और उसकी सहायक नदियों में जल प्रवाह में असाधारण वृद्धि हुई है। इसी के परिणामस्वरूप, बांध का जलस्तर अपने अधिकतम क्षमता के करीब 261.300 मीटर तक पहुँच गया, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गईं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बांध की संरचनात्मक अखंडता बनाए रखने और संभावित ओवरफ्लो को रोकने के लिए तीन फाटकों को खोलना अपरिहार्य हो गया था। यह सुनिश्चित किया गया है कि पानी की निकासी नियंत्रित तरीके से हो ताकि निचले इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति न बने।

निचले इलाकों पर संभावित खतरा और प्रशासनिक तैयारी

कनहर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद, सोनभद्र जिले के डूड्डी, म्योरपुर, ओबरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों और स्थानीय पुलिस को तत्काल अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को नदी के किनारों से दूर रहने, मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है, और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को आवश्यकता पड़ने पर त्वरित तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी व्यक्ति फँसा न रह जाए, लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार घोषणाएँ की जा रही हैं और खतरे वाले क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।

किसानों और आम जनजीवन पर असर

कनहर बांध से पानी छोड़े जाने का डूड्डी और आसपास के इलाकों के किसानों तथा आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है। निचले इलाकों में स्थित खेतों में पानी भरने की आशंका है, जिससे धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कई ग्रामीण सड़कों और पगडंडियों के जलमग्न होने से परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो सकती है, जिससे लोगों को अपनी दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर, उन गाँवों में जहाँ नदी तट के पास घर हैं, वहाँ विस्थापन का खतरा भी बढ़ गया है। मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को भी सतर्क रहने और अपने नावों तथा जालों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए, प्रशासन इस बार अधिक सतर्कता बरत रहा है ताकि जान-माल का कम से कम नुकसान हो।

विज्ञापन
Advertisement

आगे की रणनीति और मौसम विभाग की चेतावनी

जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे कनहर बांध में जल प्रवाह और बढ़ने की आशंका है। इस स्थिति से निपटने के लिए, संबंधित अधिकारियों ने एक समन्वित रणनीति तैयार की है, जिसमें पड़ोसी राज्यों के जल प्रबंधन अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखना भी शामिल है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है और बांध का जलस्तर फिर से बढ़ता है, तो और अधिक फाटकों को खोलना पड़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने, सरकारी निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।

📱 वेब स्टोरीज़

सभी देखें →
सावन सोमवार पर अर्धनारीश्वर मंदिर में वेदराम मनहरे ने किया रुद्राभिषेक, हर-हर महादेव से गूंजा बेलदार सिवनी ▶ STORY सावन सोमवार पर अर्धनारीश्वर मंदिर में वेदराम मनहरे ने किया… आयरलैंड में चीलों की वापसी: एक सदी बाद 245 चूजों का सफल पुनर्वास ▶ STORY आयरलैंड में चीलों की वापसी: एक सदी बाद 245 चूजों… भारत की वैश्विक पहल: बोलिविया को दवा सहायता, अफ्रीका में महिला सम्मान और संस्कृति ▶ STORY भारत की वैश्विक पहल: बोलिविया को दवा सहायता, अफ्रीका में… MP कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल-विदिशा फोरलेन, कृषि-सुरक्षा पर जोर ▶ STORY MP कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल-विदिशा फोरलेन, कृषि-सुरक्षा पर जोर MP-CG एक्सप्रेस-वे: अब 8 घंटे में पहुचें छत्तीसगढ़, 15 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट ▶ STORY MP-CG एक्सप्रेस-वे: अब 8 घंटे में पहुचें छत्तीसगढ़, 15 हजार… छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार की धूम, सीएम हाउस में पहली बार गेड़ी चढ़े मंत्री-वीआईपी ▶ STORY छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार की धूम, सीएम हाउस में पहली… छत्तीसगढ़ में भारी बारिश-बिजली का अलर्ट: अरपा नदी उफान पर, जनजीवन प्रभावित ▶ STORY छत्तीसगढ़ में भारी बारिश-बिजली का अलर्ट: अरपा नदी उफान पर,… हाथ में तिरंगा थाम CM विष्णु देव साय ने किया भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, रायपुर में गूंजा राष्ट्रभक्ति का जयघोष ▶ STORY हाथ में तिरंगा थाम CM विष्णु देव साय ने किया… बगिया में CM विष्णु देव साय ने सुनी जनता की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के सख्त निर्देश ▶ STORY बगिया में CM विष्णु देव साय ने सुनी जनता की… CM विष्णु देव साय ने मीसाबंदी स्व. शिवबालक साव को दी श्रद्धांजलि, लोकतांत्रिक संघर्ष को किया नमन ▶ STORY CM विष्णु देव साय ने मीसाबंदी स्व. शिवबालक साव को… कुनकुरी में स्व. ज्ञानचंद जैन को CM विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर जताई संवेदना ▶ STORY कुनकुरी में स्व. ज्ञानचंद जैन को CM विष्णु देव साय… तिरंगा यात्रा का महासैलाब, CM साय संग विधायक अनुज शर्मा ने बुलंद किया ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संदेश ▶ STORY तिरंगा यात्रा का महासैलाब, CM साय संग विधायक अनुज शर्मा…