LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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अध्यात्म

शादी से पहले जरूरी है ग्रह शांति पूजा, जाने क्यों ?

हिन्दू धर्म में ग्रह शांति पूजा एक वैदिक अनुष्ठान है जो कुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति के कारण होने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए किया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि नवग्रहों (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु) का हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है. जब ये ग्रह अनुकूल स्थिति में नहीं होते हैं, तो व्यक्ति को स्वास्थ्य, धन, करियर, रिश्तों और अन्य क्षेत्रों में बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.

ग्रह शांति पूजा में संबंधित ग्रहों के मंत्रों का जाप, हवन (अग्नि अनुष्ठान) और कुछ विशेष वस्तुओं का दान किया जाता है. यह पूजा किसी योग्य पंडित या ज्योतिषी द्वारा शुभ मुहूर्त में संपन्न कराई जाती है. प्रत्येक ग्रह के लिए अलग-अलग मंत्र और पूजा विधियां होती हैं.

शादी से पहले ग्रह शांति पूजा क्यों जरूरी?

हिन्दू धर्म में शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराने का विशेष महत्व माना जाता है. वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बनाए रखने के लिए विवाह दो अलग-अलग व्यक्तियों और परिवारों का मिलन होता है. कुंडली में ग्रहों की अनुकूलता वैवाहिक जीवन में प्रेम, तालमेल और सुख-शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. ग्रह शांति पूजा से दोनों की कुंडलियों में ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है, जिससे भविष्य में होने वाले मतभेदों और परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है.

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बाधाओं का निवारण

विवाह में कई तरह की अड़चनें आ सकती हैं, जैसे कि कुंडली मिलान में दोष, मांगलिक दोष या अन्य ग्रहों की अशुभ स्थितियां. ग्रह शांति पूजा इन बाधाओं को दूर करने और निर्विघ्न विवाह संपन्न कराने में सहायक मानी जाती है.

स्वास्थ्य और समृद्धि

ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति वर और वधू दोनों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. ग्रह शांति पूजा से ग्रहों को शांत करके अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है.

नकारात्मक ऊर्जा

शादी की प्रक्रिया में कई तरह की रस्में और लोग शामिल होते हैं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है. ग्रह शांति पूजा से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

पारिवारिक सुख

नवविवाहित जोड़े के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहे, इसके लिए भी शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराई जाती है. यह न केवल जोड़े के लिए बल्कि दोनों परिवारों के लिए भी सकारात्मकता लाती है.

कुल परंपरा

कई परिवारों में शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराने की परंपरा होती है, जिसे वे अपने कुल और पूर्वजों के आशीर्वाद के रूप में मानते हैं. शादी से पहले ग्रह शांति पूजा कराना एक महत्वपूर्ण उपाय है जिससे वर और वधू का भविष्य सुखमय और खुशहाल बना रहे, और उनके जीवन में आने वाली संभावित बाधाओं को कम किया जा सके. यह ग्रहों के आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त करने का एक तरीका है.

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.