LIVE शुक्रवार, 8 मई 2026
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मध्य प्रदेश

प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव: 345 विधानसभा और 43 लोकसभा सीटें, 33% महिला आरक्षण से बदलेंगे समीकरण

भोपाल 

संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज बुलाया गया है। इसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के बिलों को रखा जाएगा। इससे मध्यप्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकती है। संसद के विशेष सत्र में प्रस्तावित 33% महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) बिल लागू होने के बाद राज्य की चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदलने की संभावना है। नई व्यवस्था के तहत मध्यप्रदेश विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर करीब 345 तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही सदन में महिलाओं के लिए लगभग 114 सीटें आरक्षित होने की संभावना है, जिससे महिला प्रतिनिधित्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे सत्ता और संगठन दोनों के समीकरण बदल जाएंगे। 

बहुमत का गणित भी बदलेगा
सीटों की संख्या बढ़ने के बाद सरका
र बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा। अभी जहां 116 सीटों पर बहुमत माना जाता है, वहीं नए परिसीमन के बाद यह बढ़कर करीब 174 सीटों तक पहुंच सकता है।

कैबिनेट का आकार भी बढ़ सकता है
विधानसभा की बढ़ी हुई संख्या का असर मंत्रिमंडल पर भी पड़ेगा। नियमों के अनुसार, सदन की कुल संख्या का लगभग 15% मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में मंत्रियों की संख्या 35 से बढ़कर करीब 52 तक पहुंच सकती है।

लोकसभा में भी बढ़ेगी मध्यप्रदेश की ताकत
परिसीमन के बाद राज्य से लोकसभा सीटों की संख्या भी 29 से बढ़कर करीब 43 होने का अनुमान है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर लगभग 14 तक पहुंच सकती है। इन सभी प्रस्तावित बदलावों को 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। 

कैबिनेट का भी होगा विस्तार
परिसीमन का असर सिर्फ सदन की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों के मुताबिक, विधानसभा की कुल संख्या का 15% हिस्सा मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों की अधिकतम संख्या 35 से बढ़कर 52 हो जाएगी। यानी आने वाले समय में मध्य प्रदेश में मंत्रियों की एक बड़ी फौज नजर आएगी।

लोकसभा के मोर्चे पर भी एमपी की ताकत बढ़ेगी। राज्य से लोकसभा सांसदों की संख्या 29 से बढ़कर 43 करने का प्रस्ताव है। इनमें महिला सांसदों की संख्या भी मौजूदा 6 से बढ़कर 14 होने की उम्मीद है। यह पूरा ढांचा 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों से प्रभावी होने की संभावना है।

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.