सुशासन तिहार के तहत गांवों में शिविर लगाकर शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को राहत और प्रशासन पर विश्वास बढ़ा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के आयोजन से गांवों में शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया तेज हुई है और लोगों को राहत मिल रही है। इस पहल के तहत प्रशासन सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर रहा है।
सुशासन तिहार के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी गांवों में शिविर लगाकर लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं और मौके पर ही उनका निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, पेंशन और अन्य योजनाओं से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब शिविरों के माध्यम से उन्हें तुरंत समाधान मिल रहा है। इससे समय और संसाधनों की भी बचत हो रही है।
प्रशासन का कहना है कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच दूरी को कम करना है। इसके तहत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाती हैं और पारदर्शिता को बढ़ावा देती हैं। इससे योजनाओं का लाभ सही समय पर लोगों तक पहुंचता है।
सुशासन तिहार के माध्यम से गांवों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और शिकायतों की संख्या में कमी आई है। यह पहल ग्रामीण विकास और सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।










