आयरलैंड में कभी विलुप्त हो चुके सफेद पूंछ वाले चील अब देश के आसमान में एक बार फिर से उड़ान भर रहे हैं। एक लंबी अवधि के पुनरुत्थान कार्यक्रम के तहत 2007 से कुल 245 युवा चील छोड़े गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप अब यह आबादी प्रकृति में स्वयं प्रजनन कर रही है और लगातार बढ़ रही है। आयरलैंड का राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव सेवा (NPWS) ने नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट फॉर नेचर रिसर्च और गोल्डन ईगल ट्रस्ट के सहयोग से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंजाम दिया, जिसका उद्देश्य 19वीं सदी में मानव उत्पीड़न के कारण द्वीप से पूरी तरह गायब हो चुकी इस शानदार प्रजाति को वापस लाना था। यह कार्यक्रम अगस्त 2025 में आधिकारिक रूप से संपन्न हुआ, और जुलाई 2026 तक किलार्नी के लॉफ लेइन में लगातार पाँचवें वर्ष सफल प्रजनन देखा गया, जो इस परियोजना की असाधारण सफलता का प्रमाण है।
विलुप्ति का इतिहास और पुनरुत्थान की पहल
सफेद पूंछ वाला चील कभी आयरलैंड के परिदृश्य का एक स्वाभाविक हिस्सा था, लेकिन 19वीं सदी के दौरान मानव उत्पीड़न ने इस प्रजाति को द्वीप से विलुप्त कर दिया था। इन पक्षियों को पशुधन के लिए खतरा माना जाता था, क्योंकि उस समय पशुधन पालन का विस्तार हो रहा था। इस गलत धारणा के कारण उनका शिकार किया गया और उन्हें जहर दिया गया, जिससे 1912 तक उनकी पूर्ण विलुप्ति हो गई। एक सदी से भी अधिक समय बाद, संरक्षणवादियों ने इस प्रजाति को वापस लाने का फैसला किया। 2007 में, आयरलैंड की राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव सेवा (NPWS) ने नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट फॉर नेचर रिसर्च और गोल्डन ईगल ट्रस्ट के साथ मिलकर सफेद पूंछ वाले चील के पुनरुत्थान कार्यक्रम का पहला चरण शुरू किया। 2007 से 2011 के बीच, नॉर्वे से 100 युवा चीलों को काउंटी केरी के किलार्नी नेशनल पार्क में छोड़ा गया। इन पक्षियों को धीरे-धीरे पूरे आयरलैंड में फैलने दिया गया, जिससे उनकी आबादी के विस्तार की नींव रखी गई।
कार्यक्रम के चरण और प्रारंभिक सफलताएँ
पुनरुत्थान कार्यक्रम के पहले चरण की सफलता 2012 में देखने को मिली, जब काउंटी क्लेयर के लॉफ डर्ग में एक सदी से भी अधिक समय बाद पहली बार सफल प्रजनन हुआ। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था जिसने परियोजना की व्यवहार्यता को साबित किया। 2020 तक, कॉर्क, केरी, क्लेयर, गैलवे और टिपररी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आठ से दस प्रजनन जोड़े ने कुल 31 चूजों को सफलतापूर्वक पाला था। हालांकि, इन प्रारंभिक सफलताओं के बावजूद, आबादी अभी भी कमजोर बनी हुई थी। एवियन इन्फ्लूएंजा, अत्यधिक मौसम की स्थिति और अवैध जहर जैसी चुनौतियाँ इस रिकवरी को कमजोर कर सकती थीं। इन खतरों को देखते हुए और आबादी को और मजबूत करने के लिए, 2020 में NPWS ने पुनरुत्थान परियोजना का दूसरा चरण शुरू किया। इस चरण में, नॉर्वे से सात से दस सप्ताह के युवा चीलों को लाया गया, आयरलैंड की सुरक्षित सुविधाओं में पाला गया और उड़ने के लिए तैयार होने के बाद उन्हें छोड़ा गया। संरक्षणवादियों को उनकी गतिविधियों और अस्तित्व पर नज़र रखने में मदद करने के लिए इन पक्षियों को सैटेलाइट टैग से भी सुसज्जित किया गया था।
आत्मनिर्भरता की ओर: एक सफल समापन और भविष्य
पुनर्वास कार्यक्रम 2025 तक जारी रहा। इसके अंतिम वर्ष में 26 चूजे छोड़े गए, जिससे 2007 से आयरलैंड में छोड़े गए सफेद पूंछ वाले चील के चूजों की कुल संख्या 245 हो गई। यह कार्यक्रम अगस्त 2025 में आधिकारिक तौर पर संपन्न हुआ, जिसमें किलार्नी नेशनल पार्क में अंतिम चार चूजे छोड़े गए। उस समय तक, NPWS ने अनुमान लगाया कि जंगली आबादी लगभग 150 पक्षियों तक पहुँच गई थी, जिसमें 17 ज्ञात प्रजनन जोड़े शामिल थे, जिसे एक आत्मनिर्भर आबादी बनाए रखने के लिए पर्याप्त माना जाता है। कार्यक्रम का समापन संरक्षण कार्य के अंत का संकेत नहीं देता है, बल्कि यह एक नए चरण की शुरुआत है जहाँ प्रकृति अपनी भूमिका निभा रही है। सफलता का सबसे मजबूत संकेत यह है कि आयरिश-जन्मे चील अब जंगल में स्वयं प्रजनन कर रहे हैं। जुलाई 2026 में, किलार्नी में लॉफ लेइन के एक घोंसले से दो युवा सफेद पूंछ वाले चील सफलतापूर्वक उड़े, जो इस जोड़े द्वारा लगातार पाँचवें वर्ष सफल प्रजनन को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि आयरलैंड का वन्यजीव संरक्षण प्रयास न केवल प्रजातियों को वापस लाने में सफल रहा है, बल्कि उन्हें एक स्थायी भविष्य भी प्रदान कर रहा है।






