सावन के दूसरे सोमवार को बेलदार सिवनी के अर्धनारीश्वर मंदिर में वेदराम मनहरे ने परिवार संग रुद्राभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
खरोरा। सावन माह में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। इसी के चलते खरोरा क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सावन के दूसरे सोमवार को ऐतिहासिक अर्धनारीश्वर मंदिर, बेलदार सिवनी में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष वेदराम मनहरे ने अपने परिवार और समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। उन्होंने भगवान शिव से अपने क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
शिवभक्ति में डूबा बेलदार सिवनी
सावन सोमवार के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन किए और जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर के साथ-साथ गांव की सड़कों और गलियों में ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।
घंटियों की झंकार और भक्ति गीतों से पूरा बेलदार सिवनी गांव भक्तिमय वातावरण में नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना कर परिवार और समाज की सुख-शांति की प्रार्थना की।
स्वयंभू अर्धनारीश्वर शिवलिंग की मान्यता बताई
मंदिर के पुजारी नीलम शर्मा ने इस दौरान वेदराम मनहरे को प्राचीन अर्धनारीश्वर मंदिर के धार्मिक महत्व और यहां विराजमान स्वयंभू शिवलिंग के उद्गम से जुड़ी मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अर्धनारीश्वर स्वरूप को भगवान शिव और माता शक्ति के एकत्व का प्रतीक माना जाता है। मंदिर की प्राचीन मान्यताओं और धार्मिक महत्व के कारण सावन माह में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
सावन के दूसरे सोमवार को हुए इस आयोजन से बेलदार सिवनी में पूरे दिन भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। मंदिर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और शिवभक्ति के जयकारों से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।



