बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र में संपत्ति विवाद को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कथित गैंगस्टर मिथुन सोलंकी ने अपने ही पैर में गोली मार ली। इस घटना का वीडियो उसके छोटे भाई ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने घायल मिथुन सोलंकी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना धरारी गांव में हुई, जहाँ दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
घटना का विवरण
खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के धराऊ चौकी अंतर्गत आने वाले धरारी गांव में यह घटना घटी। ग्रामीणों के अनुसार, मिथुन सोलंकी और उसके छोटे भाई के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। हालिया झगड़े के दौरान, मिथुन सोलंकी ने कथित तौर पर अपने पैर में गोली मार ली। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि उसके छोटे भाई ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में मिथुन सोलंकी को अपने पैर में गोली मारते हुए और दर्द से कराहते हुए देखा जा सकता है, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है।
फंसाने का आरोप और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, धर्म सिंह सोलंकी के पुत्र मिथुन सोलंकी पर आरोप है कि उसने अपने छोटे भाई को आपराधिक मामले में फंसाने की नीयत से खुद को गोली मारी। यह आरोप इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मिथुन सोलंकी को एक गैंगस्टर बताया जा रहा है, और ऐसे में आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति द्वारा खुद को चोट पहुँचाकर दूसरे को फंसाने की कोशिश एक सामान्य रणनीति हो सकती है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल मिथुन सोलंकी को नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है, जिसमें वायरल वीडियो की सत्यता और गोली चलाने के पीछे का असली मकसद शामिल है।
संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि
ग्रामीणों ने बताया कि मिथुन सोलंकी और उसके छोटे भाई के बीच संपत्ति को लेकर विवाद आज का नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चला आ रहा है। हालांकि, यह आश्चर्यजनक है कि इतने बड़े विवाद के बावजूद, आज तक खुर्जा देहात थाने में किसी भी भाई ने एक-दूसरे के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। यह दर्शाता है कि दोनों भाई इस विवाद को आपसी स्तर पर सुलझाने की कोशिश कर रहे थे या फिर कानूनी प्रक्रिया से बचना चाहते थे। इस घटना ने संपत्ति विवादों की गंभीरता और उनके हिंसक रूप लेने की प्रवृत्ति को उजागर किया है। पुलिस अब इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद की तह तक जाने का प्रयास कर रही है ताकि घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
आगे की जांच और कानूनी पहलू
पुलिस ने वायरल वीडियो को महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है और उसकी प्रामाणिकता की जांच कर रही है। मिथुन सोलंकी के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मिथुन सोलंकी के पास हथियार कहाँ से आया और क्या वह लाइसेंसी था या अवैध। छोटे भाई से भी पूछताछ की जाएगी कि उसने वीडियो क्यों बनाया और उसे सोशल मीडिया पर क्यों वायरल किया। इस मामले में हत्या के प्रयास (यदि फंसाने का आरोप सही साबित हुआ तो), हथियार अधिनियम, और जानबूझकर चोट पहुँचाने जैसी विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति विवादों के समाधान के लिए प्रभावी तंत्र की कमी को उजागर करती है, जहाँ छोटे विवाद भी बड़े अपराधों का रूप ले सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पुलिस को न केवल तात्कालिक घटना की जांच करनी चाहिए, बल्कि उन मूल कारणों को भी समझना चाहिए जो ऐसे हिंसक कृत्यों को जन्म देते हैं ताकि समाज में शांति और व्यवस्था बनी रहे।











