ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर शोषण और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार, 4 मई 2026 को जारी एक वीडियो संदेश में, चरखी दादरी के बलाली निवासी विनेश ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में होने वाली आगामी कुश्ती प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनके ताऊ और द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट ने विनेश के आरोपों को सत्य बताते हुए उन्हें पूर्ण समर्थन दिया है और सरकार तथा खेल मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि खिलाड़ियों को एक निष्पक्ष मंच मिल सके।
फिर खोला मोर्चा: गंभीर आरोप
विनेश फोगाट ने अपने वीडियो संदेश में बृजभूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप दोहराए हैं। यह पहली बार नहीं है जब विनेश और अन्य पहलवानों ने बृजभूषण पर ऐसे आरोप लगाए हैं; पूर्व में भी इन आरोपों को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन हुए थे। विनेश ने कहा कि कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष के प्रभाव के कारण कुश्ती प्रतियोगिताओं में धांधली की जा रही है और खिलाड़ियों को न्यायपूर्ण माहौल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से गोंडा में होने वाली आगामी प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया, आशंका जताई कि इसमें भी पक्षपात हो सकता है। विनेश ने आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य पहलवानों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है और वे खेल पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक कुश्ती महासंघ में पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित नहीं रह पाएगा।
महावीर फोगाट का समर्थन और निष्पक्षता की मांग
विनेश फोगाट के इन साहसिक आरोपों का उनके ताऊ और प्रसिद्ध कुश्ती कोच महावीर फोगाट ने खुलकर समर्थन किया है। दंगल गर्ल गीता और बबीता फोगाट के पिता महावीर फोगाट ने एक बयान में कहा कि विनेश द्वारा कही गई बातें पूरी तरह सत्य हैं और वे इस न्याय की लड़ाई में अपनी भतीजी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “विनेश की बातों में दम है, हम उसके साथ हैं।” महावीर फोगाट ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि खिलाड़ी का प्राथमिक अधिकार मैट पर अपनी प्रतिभा दिखाना और देश के लिए पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि विनेश एक लंबे समय के बाद मैट पर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं, लेकिन जिस तरह की बाधाएं उसके सामने आ रही हैं, वह निंदनीय है। महावीर फोगाट ने सरकार और खेल मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की ताकि खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें एक निष्पक्ष मंच मिल सके, जहां वे बिना किसी भय या पक्षपात के अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
पृष्ठभूमि और आगे की राह
बृजभूषण शरण सिंह पर पहले भी यौन उत्पीड़न और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं, जिसके खिलाफ देश के शीर्ष पहलवानों ने दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों के बाद सरकार ने जांच का आश्वासन दिया था और बृजभूषण को उनके पद से हटना पड़ा था। हालांकि, विनेश फोगाट के नए आरोपों से यह स्पष्ट होता है कि पहलवानों का मानना है कि स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया है और बृजभूषण का प्रभाव अभी भी कुश्ती महासंघ के निर्णयों पर बना हुआ है। यह मुद्दा भारतीय कुश्ती के भविष्य और खिलाड़ियों के मनोबल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। खेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों पर अब यह दबाव है कि वे इन आरोपों की गंभीरता से जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि कुश्ती के क्षेत्र में निष्पक्षता और पारदर्शिता कायम रहे। यदि इन आरोपों की अनदेखी की जाती है, तो इसका असर न केवल व्यक्तिगत पहलवानों पर पड़ेगा, बल्कि भारत के कुश्ती के खेल की अंतरराष्ट्रीय छवि और युवा खिलाड़ियों के सपनों पर भी गहरा आघात लगेगा। आने वाले दिनों में इस मामले में सरकार और कुश्ती महासंघ की प्रतिक्रिया देखने लायक होगी।









