LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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मध्य प्रदेश

प्रदेश में पहली बार स्थापित होगी हाईटेक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स की शुद्धता की होगी जांच

भोपाल 
दूध और दूध से जुड़े डेयरी प्रोडक्ट्स की शुद्धता जांचने के लिए प्रदेश में पहली बार हाईटेक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है। केन्द्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट परियोजना द्वारा स्वीकृत यह लैब राज्य की पहली प्रयोगशाला होगी, जहां दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच हो सकेगी।

भारत सरकार ने दिया 12.40 करोड़ का अनुदान

प्रयोगशाला के निर्माण के लिए भारत सरकार ने 12.40 करोड़ का अनुदान दिया है। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक सात मशीनों की खरीदी पूरी हो चुकी है, शेष की खरीदी प्रक्रिया जारी है। MP की इस हाइटेक प्रयोगशाला में दूध एवं दुग्ध पदार्थों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी। इसमें पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटि‚स, हेवी मेटल्स जैसी कई जांच हो सकेंगी।

राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता भी दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच करा सकेंगे। यदि आपके घर में आने वाले दूध या उससे बने उत्पादों में मिलावट की आशंका है, तो अब जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जहां आम उपभोक्ता के साथ देश एवं प्रदेश की खाद्य उत्पादक संस्थाएं भी दूध और दुग्ध उत्पादों का परीक्षण करा सकेंगी।

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उपभोक्ताओं को मिलेगा शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद
परियोजना का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाला दूध एवं दुग्ध उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच एक बड़ी चुनौती रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है।

NABL और FSSAI से मान्यता प्राप्त होगी प्रयोगशाला
यह प्रयोगशाला केंद्र शासन के मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहयोग से स्थापित की जा रही है, जिसे (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) तथा (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) से मान्यता प्राप्त होगी।

अत्याधुनिक मशीनें स्थापित
प्रयोगशाला के निर्माण के लिये भारत सरकार द्वारा 12 करोड़ 40 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। इसके अंतर्गत अत्याधुनिक सात मशीनों की खरीदी पूरी हो चुकी है, जबकि शेष मशीनों, केमिकल्स एवं ग्लासवेयर की खरीदी प्रक्रिया जारी है। शीघ्र ही दूध एवं दुग्ध पदार्थों के परीक्षण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

100 से अधिक मानकों पर होगा परीक्षण
राज्य स्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से दूध एवं दुग्ध पदार्थों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी। इसमें पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटिक्स, हेवी मेटल्स, अफ्लाटॉक्सिन, वसा की शुद्धता, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ यूरिया, आयोडीन, माल्टोज, शुगर, नमक एवं अन्य प्रकार की मिलावटों की जांच शामिल होगी।

आम उपभोक्ता और खाद्य उत्पादक संस्थाओं को सीधा लाभ
इस प्रयोगशाला की सुविधा आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ देश की विभिन्न खाद्य उत्पादक संस्थाओं को भी उपलब्ध होगी। इसके स्थापित होने से दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, शुद्धता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और प्रदेश के उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

देशभर की संस्थाओं को मिलेगा लाभ

मिलावट की आशंका पर शुद्धता जांचने के लिए लैब का इस्तेमाल आम आदमी से लेकर देश एवं प्रदेश की खाद्य उत्पादक संस्थाएं कर सकेंगी। यह प्रयोगशाला केंद्र शासन के वियीय सहयोग से स्थापित की जा रही है, जिसे (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) तथा (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) से मान्यता प्राप्त होगी।

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.