मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर स्वस्थ माताओं, स्वस्थ बच्चों और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बहु-विभागीय समन्वित रणनीति तैयार की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में स्वस्थ माताओं, स्वस्थ बच्चों और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने के लिए समन्वित एवं बहु-विभागीय रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ कुपोषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य किसी भी राज्य के समग्र विकास का आधार होता है। यदि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं तथा आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाए, तो कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, जनजातीय विकास तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएं ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संचालित मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी। गर्भवती महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित प्रसव, बच्चों के टीकाकरण, संतुलित पोषण, आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता तथा जनजागरूकता अभियानों को और मजबूत बनाया जाएगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल कुपोषण के आंकड़ों में कमी लाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ और बेहतर भविष्य प्रदान करना है। इसके लिए तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि “स्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़” केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जनभागीदारी का व्यापक अभियान है। इसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।
राज्य सरकार का मानना है कि समन्वित रणनीति के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, पोषण स्तर सुधारने और बच्चों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी। आने वाले समय में इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।






