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देश

‘MPs who switched to BJP targeted’: Chadha claims political vendetta, to meet Prez on May 5

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आगामी 5 मई को सुबह 10:40 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का मुख्य उद्देश्य पंजाब में कथित तौर पर राज्य मशीनरी के दुरुपयोग और आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए सांसदों के खिलाफ चल रहे राजनीतिक प्रतिशोध के मामलों को उठाना है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि चड्ढा इस दौरान राष्ट्रपति के समक्ष इन गंभीर चिंताओं को प्रमुखता से रखेंगे। चड्ढा के साथ तीन अन्य सांसद भी राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे, जहां वे इन आरोपों पर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब राघव चड्ढा ने खुद 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। पार्टी नेतृत्व के साथ अपने खुले मतभेद के बाद उन्होंने यह बड़ा राजनीतिक कदम उठाया था। अपने फैसले की घोषणा करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा ने कहा था कि जिस आम आदमी पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपने युवा जीवन के 15 साल दिए, वह अब अपने संस्थापक सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने भावुक होते हुए यह भी कहा था कि पार्टी अब देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम करने के बजाय व्यक्तिगत लाभ और स्वार्थ के लिए काम कर रही है।

चड्ढा ने उस समय यह भी बताया था कि उनके साथ-साथ छह अन्य राज्यसभा सांसदों – स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी, संदीप पाठक और अशोक मित्तल – ने भी आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों के दो-तिहाई से अधिक सदस्यों ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत भारतीय जनता पार्टी में विलय करने का निर्णय लिया है। चड्ढा के अनुसार, उन्होंने और उनके साथी सांसदों ने भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा के साथ खुद को विलय करने का संकल्प लिया है। यह दावा दलबदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता को सुरक्षित रखने और इसे एक समूह विलय के रूप में प्रस्तुत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति से आगामी मुलाकात के दौरान, राघव चड्ढा द्वारा मुख्य रूप से उन सांसदों के खिलाफ कथित राजनीतिक प्रतिशोध का मुद्दा उठाया जाएगा जिन्होंने हाल ही में ‘आप’ छोड़कर भाजपा में प्रवेश किया है। सूत्रों के मुताबिक, यह आरोप लगाया जा रहा है कि पंजाब में राज्य मशीनरी का इस्तेमाल इन सांसदों को निशाना बनाने और उन्हें परेशान करने के लिए किया जा रहा है। इसी बात को राष्ट्रपति के संज्ञान में लाया जाएगा ताकि इस पर उचित कार्रवाई हो सके। यह आरोप लगाया जा रहा है कि राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने और उन पर दबाव बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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इस मुलाकात का भारतीय राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है, खासकर पंजाब और आम आदमी पार्टी के भविष्य पर। राष्ट्रपति से शिकायत करने का मतलब है कि यह मुद्दा अब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच गया है, जो इसकी गंभीरता को दर्शाता है। इन आरोपों की सत्यता और उन पर होने वाली कार्रवाई आने वाले समय में राजनीतिक गलियारों में एक प्रमुख चर्चा का विषय बनी रहेगी। यह देखना होगा कि राष्ट्रपति इस मामले पर क्या रुख अपनाती हैं और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शुचिता और राजनीतिक दलों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.