राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुँचीं, जहाँ उनका पहला पड़ाव इंदौर था। इंदौर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें वन्यजीव संरक्षण के प्रतीक कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण भी शामिल है, जहाँ अफ्रीका से लाए गए चीतों को पुनर्वासित किया गया है।
राष्ट्रपति का मध्य प्रदेश में भव्य स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दोपहर में विशेष विमान से इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचीं। राज्य की सर्वोच्च संवैधानिक मुखिया का स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्यपाल मंगूभाई पटेल सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसमें सेना और पुलिस के जवानों ने सलामी दी। समूचे इंदौर शहर में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति का यह दौरा मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, जो राज्य को राष्ट्रीय पटल पर और अधिक प्रमुखता से स्थापित करेगा।
कूनो नेशनल पार्क: चीता पुनर्वास का केंद्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे का एक प्रमुख आकर्षण कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण है। यह पार्क भारत में चीता पुनर्वास परियोजना का केंद्र बिंदु है, जहाँ सितंबर 2022 में नामीबिया और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाया गया है। कूनो नेशनल पार्क वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है। राष्ट्रपति इस दौरे के दौरान चीता परियोजना की प्रगति का जायजा लेंगी और संभवतः कुछ चीतों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर भी मिलेगा। यह दौरा न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक होगा, क्योंकि यह दिखाता है कि भारत किस तरह से विलुप्तप्राय प्रजातियों को वापस लाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। कूनो में चीतों की संख्या में वृद्धि और उनके सफल प्रजनन की खबरें पहले ही आ चुकी हैं, जो इस परियोजना की सफलता का संकेत देती हैं।
दौरे का व्यापक उद्देश्य और राज्य को लाभ
राष्ट्रपति के इस दौरे का उद्देश्य केवल कूनो नेशनल पार्क तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और सामाजिक कल्याण योजनाओं को भी प्रोत्साहन देगा। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति राज्य के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भी दौरा कर सकती हैं या विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले सकती हैं, हालांकि अभी विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। उनके आगमन से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की पहचान मजबूत होगी। यह दौरा राज्य के आदिवासी समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए चल रही पहलों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता है, क्योंकि राष्ट्रपति हमेशा से इन वर्गों के उत्थान के प्रति संवेदनशील रही हैं। राज्य सरकार इस दौरे को एक अवसर के रूप में देख रही है ताकि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास गाथा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जा सके।
भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को प्रोत्साहन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का कूनो नेशनल पार्क का दौरा भारत के वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। भारत ने हाल के वर्षों में वन्यजीवों के संरक्षण, विशेषकर बाघों की संख्या में वृद्धि और चीता पुनर्वास जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा इन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाएगा और अन्य देशों को भी ऐसे संरक्षण कार्यक्रमों के लिए प्रेरित करेगा। यह संदेश देता है कि भारत अपनी जैव विविधता को बचाने और पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की वापसी एक ऐतिहासिक घटना है, और राष्ट्रपति का वहां जाना इस परियोजना के महत्व और उसके भविष्य के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। यह दौरा न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है ताकि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।






