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छत्तीसगढ़

शहर में 50 ट्रैफिक सिग्नल, 5 किमी के दायरे में 21 सिग्नल, सफर 10-20 मिनट का हो रहा 30-40 मिनट में पूरा

रायपुर शहर में 50 ट्रैफिक सिग्नल हैं, 5 किमी में 21 सिग्नल होने से 10-20 मिनट का सफर अब 30-40 मिनट में पूरा हो रहा है।

रायपुर। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक जाम और धीमी गति से वाहनों की आवाजाही अब आम समस्या बन चुकी है। शहर में कुल 50 ट्रैफिक सिग्नल हैं, जिनमें से 21 सिग्नल केवल 5 किमी के दायरे में स्थित हैं। इसके कारण 10-20 मिनट का सफर अब 30-40 मिनट में पूरा हो रहा है।

शहरवासियों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि इन सिग्नलों के लगातार लाल और हरे होने से गाड़ियों की गति बहुत धीमी हो गई है। मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है, जिससे समय और ईंधन की बर्बादी भी बढ़ रही है।


ट्रैफिक जाम के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में ट्रैफिक सिग्नलों की अधिकता और उनका करीब-करीब होना मुख्य कारण है। 5 किमी के दायरे में 21 सिग्नल होने से वाहन चालक लगातार रुकते और चलते रहते हैं, जिससे ट्रैफिक की गति धीमी हो जाती है।

इसके अलावा, स्मार्ट सिग्नल सिस्टम का अभाव और कुछ सिग्नलों का पुराना होना भी जाम की स्थिति को और बढ़ाता है।

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यात्रियों की परेशानी

रायपुर के रोजमर्रा के यात्री बताते हैं कि सुबह और शाम के समय शहर की मुख्य सड़कों पर सफर करना मुश्किल हो गया है। 10-20 मिनट में पूरा होने वाला रास्ता अब आधे घंटे या उससे अधिक समय ले रहा है।

एक स्थानीय नागरिक ने कहा, “हम दैनिक काम और ऑफिस के लिए समय पर पहुंचने के लिए परेशान हैं। ट्रैफिक सिग्नल की संख्या अधिक होने के कारण हमें अतिरिक्त समय की आवश्यकता पड़ती है।”


वाहन मालिकों पर प्रभाव

धीमी गति से वाहनों की आवाजाही न केवल समय की बर्बादी करती है, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण भी बढ़ाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 5 किमी में 21 सिग्नल होने से औसतन हर गाड़ी में ईंधन की अतिरिक्त खपत होती है, जिससे रोजमर्रा के यात्री आर्थिक रूप से भी प्रभावित होते हैं।


ट्रैफिक व्यवस्था और सुधार की आवश्यकता

विशेषज्ञ और ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि शहर में ट्रैफिक सिग्नल और रोड जाम के प्रभाव को कम करने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम की जरूरत है। इन सिग्नलों को यातायात के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता है ताकि वाहनों की गति बेहतर हो।

साथ ही, सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और सिग्नल की दूरी बढ़ाने जैसे उपायों पर विचार किया जा रहा है।


पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

रायपुर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि वे लगातार जाम और सिग्नल की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में स्मार्ट सिग्नल और बेहतर रोड नेटवर्क के माध्यम से शहर में ट्रैफिक को सुचारू बनाने का प्रयास किया जाएगा।

एक अधिकारी ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नागरिक समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचें और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो।”


निष्कर्ष

रायपुर शहर में ट्रैफिक सिग्नल की अधिकता और उनका करीब-करीब होना यात्रियों और वाहन मालिकों के लिए समस्या बन गया है। स्मार्ट सिग्नल और सड़क सुधार के प्रयास से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और विशेषज्ञों की सक्रियता और योजनाओं के माध्यम से नागरिकों की परेशानी कम हो सकती है और शहर में यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.