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वैश्विक मानकों की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, उच्च शिक्षा में नई क्रांति का आगाज

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लागू होने से छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, लचीलापन और गुणवत्तापूर्ण बदलाव का नया दौर शुरू हुआ।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ने अपनी शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और उच्च शिक्षा विभाग की सक्रिय पहल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जुलाई 2024 से राज्य के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर इस नीति को पूर्णतः लागू कर दिया गया है, जिससे शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें कौशल, नवाचार और रोजगारोन्मुखी ज्ञान से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ में इस नई नीति के लागू होने के बाद विद्यार्थियों को बहुविषयक शिक्षा प्रणाली का लाभ मिलने लगा है, जिसमें वे अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इससे छात्रों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनकी व्यावसायिक क्षमता में भी वृद्धि हो रही है।

नई नीति के तहत शिक्षा में लचीलापन बढ़ाया गया है। अब विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान विषय परिवर्तन, क्रेडिट ट्रांसफर और बहु-प्रवेश एवं बहु-निकास (Multiple Entry and Exit) जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है, जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं और बाद में पुनः शिक्षा से जुड़ना चाहते हैं।

राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और तकनीकी संसाधनों को बढ़ावा देकर शिक्षा को अधिक आधुनिक और सुलभ बनाया जा रहा है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण सुधार होगा और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। शिक्षा में यह बदलाव प्रदेश को ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार आधारित विकास की दिशा में आगे ले जाएगा।

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह परिवर्तन आने वाले समय में युवाओं के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा और राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.