धान खरीदी की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया, खरीदी अवधि बढ़ाने और किसानों को एकमुश्त भुगतान की मांग उठाई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करते हुए धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने और किसानों को एकमुश्त भुगतान करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कई किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं और खरीदी व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आ रही हैं।
धान खरीदी को लेकर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्यमंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रदेश के बड़ी संख्या में किसान धान बेचने से वंचित हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि धान खरीदी की तारीख बढ़ाकर 28 फरवरी तक की जाए और किसानों को पूरी राशि एक साथ उपलब्ध कराई जाए।
पार्टी नेताओं के आरोप
आप के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि धान बुवाई से लेकर खरीदी तक किसानों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि टोकन व्यवस्था और खरीदी प्रक्रिया में अव्यवस्था के कारण किसान परेशान हुए हैं। नरेटी ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेगी।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने दावा किया कि कुछ किसानों को धान बेचने के बाद भी भुगतान में परेशानी हो रही है और बैंक से सीमित राशि मिलने के कारण उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खरीदी केंद्रों की दैनिक सीमा और टोकन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने धान खरीदी की अवधि बढ़ाने और सभी किसानों का धान खरीदने की मांग दोहराई।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
मुख्यमंत्री निवास घेराव कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
धान खरीदी को लेकर उठे इस राजनीतिक विरोध पर राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, धान खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।
किसानों से जुड़े मुद्दे बने राजनीतिक बहस का केंद्र
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों की आय से जुड़ा अहम विषय है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।








