रायपुर एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण एयर इंडिया की फ्लाइट भुवनेश्वर डायवर्ट, यात्रियों ने कॉम्प्लिमेंट्री नाश्ता न मिलने पर नाराज़गी जताई, एयरलाइन ने खेद जताया।
रायपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को यात्रियों को अचानक बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा जब एयर इंडिया की निर्धारित फ्लाइट खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण रायपुर में लैंड नहीं हो सकी। एयरलाइन प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए विमान को भुवनेश्वर एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया। हालांकि, इस दौरान यात्रियों ने एयरलाइन पर नाश्ता उपलब्ध न कराने को लेकर नाराज़गी जताई और इसे लापरवाही करार दिया
खराब मौसम बनी वजह
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार सुबह से ही रायपुर में मौसम खराब था।
- घना कोहरा और बारिश के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी।
- एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने लैंडिंग को असुरक्षित मानते हुए पायलट को डायवर्ट करने का निर्देश दिया।
- सुरक्षा कारणों से विमान को करीब 300 किलोमीटर दूर भुवनेश्वर एयरपोर्ट भेजा गया।
यात्रियों ने मान लिया कि सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन यात्रा का अनुभव उन्हें खटक गया।
यात्रियों की परेशानी
फ्लाइट रायपुर लैंड करने के निर्धारित समय पर करीब 150 यात्री सवार थे।
- अचानक डायवर्ट होने से यात्रियों को घंटों अतिरिक्त सफर करना पड़ा।
- रायपुर में इंतजार कर रहे परिजनों और कैब ड्राइवर्स को भी असुविधा हुई।
- कई यात्री जिनकी आगे की ट्रेनों और मीटिंग्स की बुकिंग थी, वे भी फंस गए।
नाश्ते को लेकर विवाद
यात्रियों की सबसे बड़ी नाराज़गी इस बात पर रही कि एयर इंडिया ने डायवर्जन के दौरान कोई कॉम्प्लिमेंट्री नाश्ता या भोजन उपलब्ध नहीं कराया।
- लंबे इंतजार और थकान के बाद भी केवल पानी की बोतलें दी गईं।
- यात्रियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से ऐसी स्थिति में एयरलाइन को उचित सुविधा देनी चाहिए।
- कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए एयर इंडिया की आलोचना की और इसे “कस्टमर सर्विस की विफलता” बताया।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
एक यात्री ने कहा – “हमें समझ है कि मौसम एयरलाइन के बस में नहीं है, लेकिन क्या हमारी भूख और इंतजार का दर्द भी नजरअंदाज किया जाएगा?”
दूसरे यात्री ने ट्वीट किया – “भुवनेश्वर डायवर्ट होने में कोई दिक्कत नहीं, लेकिन तीन घंटे तक नाश्ता न देना एयर इंडिया की पुरानी आदत है।”
एयर इंडिया का पक्ष
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा –
- मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
- डायवर्जन अप्रत्याशित स्थिति थी, इसलिए केटरिंग सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई।
- एयरलाइन यात्रियों की असुविधा के लिए खेद प्रकट करती है और भविष्य में ऐसी स्थिति को बेहतर संभालने का आश्वासन देती है।
विशेषज्ञों की राय
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम जनित डायवर्जन किसी भी एयरलाइन के नियंत्रण में नहीं होते।
- हालांकि, यात्रियों की देखभाल और सुविधा एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है।
- कई देशों में नियम है कि यदि फ्लाइट निर्धारित समय से अधिक देर तक रुकी रहे तो यात्रियों को भोजन और पेय अनिवार्य रूप से दिया जाए।
- भारत में भी DGCA के दिशा-निर्देश इस ओर ध्यान दिलाते हैं, लेकिन इनके पालन में अक्सर लापरवाही होती है।
रायपुर एयरपोर्ट पर इंतजार करते परिजन
रायपुर एयरपोर्ट पर भी यात्रियों के परिजन और परिचितों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
- फ्लाइट के अचानक डायवर्ट होने की जानकारी एयरपोर्ट पर मौजूद स्क्रीन या अधिकारियों से समय पर नहीं दी गई।
- कई लोग बार-बार एयरपोर्ट अधिकारियों से जानकारी लेने दौड़ते रहे।
- इस कारण यात्रियों के परिजनों ने भी एयर इंडिया और एयरपोर्ट प्रबंधन पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
घटना के बाद ट्विटर (X) और फेसबुक पर यात्रियों की नाराज़गी देखने को मिली।
- #AirIndiaTrending हैशटैग के साथ कई लोगों ने शिकायतें लिखीं।
- कुछ यात्रियों ने मजाकिया लहजे में कहा – “एयर इंडिया = एयर इंडिया, नो इंडिया स्नैक्स”।
- वहीं कई लोगों ने DGCA से कार्रवाई की मांग की।
यात्रियों को हुई आर्थिक और मानसिक क्षति
डायवर्जन के कारण यात्रियों को कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ीं –
- मीटिंग्स और कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूट गईं।
- कुछ यात्रियों को होटल बुक करना पड़ा।
- छात्रों और व्यापारियों को मानसिक तनाव झेलना पड़ा।
आगे की संभावना
एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े जानकार मानते हैं कि इस घटना के बाद एयर इंडिया को यात्रियों के अनुभव सुधारने पर गंभीरता से काम करना होगा।
- कैटरिंग और इन-फ्लाइट सर्विस को मजबूत करना होगा।
- डायवर्जन और डिले जैसी स्थिति में यात्रियों से पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।
- DGCA से यात्रियों के हक में सख्त दिशा-निर्देश की भी मांग हो रही है।
निष्कर्ष
रायपुर एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण भले ही सुरक्षा की दृष्टि से फ्लाइट डायवर्ट करना उचित कदम था, लेकिन यात्रियों की नाराज़गी यह दर्शाती है कि केवल सुरक्षित उड़ान ही काफी नहीं है। यात्रा का अनुभव तभी संतोषजनक होगा जब एयरलाइन यात्रियों की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखे। एयर इंडिया को इस घटना से सीख लेते हुए अपनी कस्टमर सर्विस को बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा ताकि भविष्य में यात्रियों की असुविधा नाराज़गी में न बदले।








