भाजपा किसान मोर्चा ने रमेश शर्मा को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया, जिससे खरोरा क्षेत्र सहित किसानों और कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
खरोरा। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने संगठन को मजबूती देते हुए रमेश शर्मा को प्रदेश किसान मोर्चा कार्यसमिति सदस्य नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, विधायक अनुज शर्मा, जिला अध्यक्ष श्याम नारंग तथा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर की अनुशंसा पर की गई है।
इस संबंध में प्रदेश कार्यालय प्रभारी अशोक बजाज ने जानकारी देते हुए बताया कि रमेश शर्मा लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और उन्होंने विभिन्न दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया है। सहकारिता और किसान हितों से जुड़े विषयों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है, जिसका लाभ संगठन को लगातार मिलता रहा है।
किसानों के बीच मजबूत पकड़
रमेश शर्मा को प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिलने से खरोरा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक जमीनी और संघर्षशील किसान नेता को संगठन में उचित सम्मान मिलना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
अनुभव और सक्रियता का मिला फल
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बताया कि रमेश शर्मा के लंबे अनुभव, संगठनात्मक समझ और सक्रिय कार्यशैली के कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर द्वारा उन्हें यह दायित्व दिया जाना संगठन की भविष्य की रणनीति को और सशक्त करेगा।
बधाइयों का तांता
रमेश शर्मा की नियुक्ति पर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, वेदराम मनहरे (प्रदेश संयोजक, नशा मुक्ति अभियान), श्रीमती सोना वर्मा (मंडल अध्यक्ष, खरोरा), टिकेश्वर मनहरे (अध्यक्ष, जनपद पंचायत तिल्दा), सुनीता अनिल सोनी (नगर पंचायत अध्यक्ष, खरोरा), सुमित सेन (उपाध्यक्ष), पार्षदगण सूरज सोनी, दीपक धनकर (कार्यालय प्रभारी, भाजपा मंडल खरोरा), योगेश चंद्राकर, सावन शर्मा, तोरण ठाकुर (पूर्व पार्षद), दुष्यंत साहू (सरपंच, बिठिया) सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों ने शुभकामनाएं दीं।
किसान हितों को मिलेगी नई आवाज
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि रमेश शर्मा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में किसानों की समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से संगठन और सरकार के समक्ष रखेंगे। उनकी नियुक्ति से किसान मोर्चा को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।








