बाज़ार
लाइव भाव लोड हो रहे हैं…
देश

आयुष्मान कार्ड की सीमा ₹10 लाख होगी? स्वास्थ्य पैनल की बड़ी सिफारिश

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष बीमा कवर को मौजूदा ₹5 लाख से दोगुना कर ₹10 लाख करने की महत्वपूर्ण सिफारिश की है। यह प्रस्ताव जुलाई 2026 में अपनी 172वीं रिपोर्ट में प्रस्तुत किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती उपचार लागतों और जटिल स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त पाए गए वर्तमान कवरेज को बढ़ाना है। हालांकि, यह अभी एक औपचारिक सिफारिश है और इसे अभी तक केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन यदि इसे लागू किया जाता है, तो यह देश भर में लाखों परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

क्या है नया प्रस्ताव?

संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाला ₹5 लाख का वार्षिक कवर अब कई गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त नहीं है। समिति ने पाया कि उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकियों और लंबे समय तक अस्पताल में रहने के कारण उपचार की लागत में काफी वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रति परिवार प्रति वर्ष स्वास्थ्य कवर को ₹10 लाख तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। यह सिफारिश एक ऐसे समय में आई है जब भारत में स्वास्थ्य सेवा खर्च लगातार बढ़ रहा है और गरीब तथा मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। यह प्रस्ताव अभी सरकार के विचाराधीन है और इसके कानून बनने के लिए केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति आवश्यक होगी।

₹10 लाख की सीमा क्यों ज़रूरी?

समिति ने इस बड़े विस्तार का सुझाव देने के लिए कई प्रमुख कारण प्रस्तुत किए हैं:

* बढ़ती उपचार लागत: उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकियों और लंबे समय तक अस्पताल में रहने के कारण गंभीर माध्यमिक और तृतीयक देखभाल की लागत में भारी वृद्धि हुई है।

विज्ञापन
Advertisement

* कवरेज में कमी: मौजूदा ₹5 लाख की सीमा अक्सर उच्च-स्तरीय, जटिल प्रक्रियाओं जैसे अंग प्रत्यारोपण या कैंसर उपचार के दौरान कम पड़ जाती है, जिससे मरीजों को अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है।

* जेब से भारी खर्च: बीमा होने के बावजूद, परिवारों को अभी भी जटिल उपचारों के लिए अपनी बचत से भारी भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे वित्तीय संकट में फंस जाते हैं।

जीवन रक्षक उपचार तक पहुंच: सीमा को दोगुना करने से यह सुनिश्चित होगा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अब जटिल ऑपरेशनों में देरी न करें या उनसे बचें नहीं, जिससे जीवन रक्षक देखभाल तक उनकी पहुंच सुनिश्चित होगी। यह कदम स्वास्थ्य देखभाल को अधिक न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।*

किन उपचारों को मिलेगा लाभ?

समिति के निष्कर्षों के अनुसार, मौजूदा ₹5 लाख की सीमा कई गंभीर स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त है। प्रस्तावित ₹10 लाख की सीमा से मुख्य रूप से उन रोगियों को लाभ होगा जिन्हें निम्नलिखित उपचारों की आवश्यकता है:

* अंग प्रत्यारोपण: किडनी या लीवर प्रत्यारोपण जैसी उच्च लागत वाली सर्जरी।

* उन्नत हृदय संबंधी हस्तक्षेप: जटिल ओपन-हार्ट सर्जरी और हृदय संबंधी उपचार, जिनमें महंगे स्टेंट और उपकरण शामिल हैं।

* कैंसर इम्यूनोथेरेपी: उन्नत ऑन्कोलॉजी देखभाल और विशेष लक्षित उपचार, जिनकी लागत अक्सर बहुत अधिक होती है।

गंभीर देखभाल: लंबे समय तक गहन चिकित्सा इकाई (ICU) प्रबंधन और जटिल सर्जरी, जहां दैनिक खर्च काफी अधिक होता है। यह विस्तार यह सुनिश्चित करेगा कि मरीज बिना किसी वित्तीय बाधा के सर्वोत्तम संभव उपचार प्राप्त कर सकें।*

अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्ताव

वित्तीय कवरेज को दोगुना करने के अलावा, जुलाई 2026 की रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवा को सहज बनाने के लिए महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधारों की भी रूपरेखा दी गई है:

* अस्पताल के कैशलेस अनुरोधों को अधिकतम छह घंटे के भीतर अनुमोदित करने के लिए सख्त प्रवर्तन। यह देरी को कम करेगा और रोगियों को तत्काल उपचार सुनिश्चित करेगा।

* अनुमोदन में अनुचित देरी करने वाले सूचीबद्ध अस्पतालों या प्रबंधन एजेंसियों के लिए सख्त दंड प्रावधान लागू करना।

AI-संचालित ट्रैकिंग तंत्रों को तैनात करना और कम जोखिम वाले, मानक उपचारों के लिए ऑटो-अनुमोदन का विस्तार करना। ये उपाय स्वास्थ्य योजना के प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता लाने में मदद करेंगे, जिससे लाभार्थियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।*

केंद्र सरकार के अनुमोदन के बाद ही यह प्रस्ताव एक राष्ट्रव्यापी कानून बन पाएगा, लेकिन यह निश्चित रूप से भारत में स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है। यह लाखों गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जो अक्सर महंगे इलाज के बोझ तले दब जाते हैं और वित्तीय सुरक्षा जाल के बिना स्वास्थ्य आपात स्थितियों का सामना करने में असमर्थ होते हैं।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।

📱 वेब स्टोरीज़

सभी देखें →
छत्तीसगढ़ का बड़ा फैसला: केंद्र से ग्रांट रुकी तो 1 अगस्त से सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड बिजली ▶ STORY छत्तीसगढ़ का बड़ा फैसला: केंद्र से ग्रांट रुकी तो 1… छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने जारी की चेतावनी, गरज-चमक के साथ चलेंगी तूफानी हवाएँ ▶ STORY छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट: IMD ने जारी की… छत्तीसगढ़ की गेवरा खदान में EV क्रांति: 40% डीजल खपत, प्रदूषण घटा ▶ STORY छत्तीसगढ़ की गेवरा खदान में EV क्रांति: 40% डीजल खपत,… बिलासपुर सुपर स्पेशियलिटी को ब्लड सेंटर लाइसेंस, SDP सुविधा से गंभीर मरीजों को लाभ ▶ STORY बिलासपुर सुपर स्पेशियलिटी को ब्लड सेंटर लाइसेंस, SDP सुविधा से… गरियाबंद में श्रद्धा संग संपन्न हुई भगवान जगन्नाथ की बाहुड़ा रथयात्रा ▶ STORY गरियाबंद में श्रद्धा संग संपन्न हुई भगवान जगन्नाथ की बाहुड़ा… मनीषा बनीं मिस छत्तीसगढ़ की सेकंड रनर-अप, मंदाकिनी ने पहनाया ताज ▶ STORY मनीषा बनीं मिस छत्तीसगढ़ की सेकंड रनर-अप, मंदाकिनी ने पहनाया… छत्तीसगढ़: CM उत्कृष्ट छात्रवृत्ति योजना काउंसलिंग रद्द, विभाग ने की अपील ▶ STORY छत्तीसगढ़: CM उत्कृष्ट छात्रवृत्ति योजना काउंसलिंग रद्द, विभाग ने की… छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, शीतकालीन सत्र में आएगा विधेयक ▶ STORY छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज, शीतकालीन सत्र… सत्य साई ग्राम का सेवा मॉडल समाज सेवा का प्रेरक उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ▶ STORY सत्य साई ग्राम का सेवा मॉडल समाज सेवा का प्रेरक… पहली बार संभाग स्तरीय बालिका फुटबॉल चयन ट्रायल का शुभारंभ ▶ STORY पहली बार संभाग स्तरीय बालिका फुटबॉल चयन ट्रायल का शुभारंभ भारत ने Q1 में आयात किए 32 लाख टन उर्वरक; मजबूत की आपूर्ति श्रृंखला ▶ STORY भारत ने Q1 में आयात किए 32 लाख टन उर्वरक;… ओडिशा EV अपनाने में देश में अव्वल, मंत्री ने PM-CM का जताया आभार ▶ STORY ओडिशा EV अपनाने में देश में अव्वल, मंत्री ने PM-CM…