नवा रायपुर विधानसभा परिसर में बाबा साहेब अंबेडकर की 25 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित, समाज सुधार और संविधान निर्माता के योगदान को दर्शाएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर में विधानसभा परिसर के भीतर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 25 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह प्रतिमा न केवल राज्य की राजधानी के दर्शनीय स्थलों में शामिल होगी, बल्कि यह संविधान निर्माता और समाज सुधारक बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान और उनके आदर्शों का प्रतीक भी बनेगी।
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प्रतिमा की विशेषताएं और आकार
नई प्रतिमा की ऊंचाई 25 फीट होगी, जो इसे नवा रायपुर के विधानसभा परिसर में एक प्रमुख आकर्षण बनाएगी। प्रतिमा की बनावट में सटीक कलात्मकता और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों के सहयोग से तैयार किया जाएगा।
प्रतिमा के आसपास हरियाली और सजावट का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। पास में बैठे हुए बाबा साहेब की मूर्ति उनके शांत और चिंतनशील व्यक्तित्व को दर्शाएगी। प्रतिमा के आधार में उनके जीवन, कार्य और संविधान निर्माण में उनके योगदान के बारे में जानकारी देने वाले इन्फो बोर्ड लगेंगे, जिससे आने वाले नागरिक और छात्र उनके योगदान को समझ सकेंगे।
सामाजिक और शैक्षणिक महत्व
इस भव्य प्रतिमा का निर्माण केवल एक दर्शनीय स्थल के रूप में नहीं किया जा रहा, बल्कि इसका सामाजिक और शैक्षणिक महत्व भी है। राज्य सरकार चाहती है कि सभी नागरिक, विशेषकर युवा और छात्र, बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों और उनके संघर्ष से प्रेरणा लें।
प्रतिमा के आसपास सामाजिक समरसता, समानता और न्याय जैसे विषयों पर छोटे-छोटे शैक्षणिक कार्यक्रम और संगोष्ठी आयोजित की जाएंगी। इससे नागरिकों में समानता और न्याय के मूल्यों की समझ बढ़ेगी और समाज में भाईचारे और सहिष्णुता को प्रोत्साहन मिलेगा।
विधानसभा परिसर में आकर्षण
नवा रायपुर विधानसभा परिसर में यह प्रतिमा आने वाले वर्षों में राज्य की प्रमुख पर्यटक आकर्षण का केंद्र बन जाएगी। प्रतिमा के उद्घाटन के बाद परिसर में आने वाले लोग इसके दर्शन करने के लिए विशेष रूप से आएंगे। यह प्रतिमा राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगी।
प्रतिमा के निर्माण में स्थानीय कारीगरों और शिल्पियों को भी अवसर मिलेगा। इससे न केवल कला और शिल्प के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और कौशल का विकास भी होगा।
सुरक्षा और रखरखाव
प्रतिमा की सुरक्षा के लिए विधानसभा परिसर में सुरक्षा कैमरे और नियमित निगरानी का प्रबंध किया जाएगा। इसके अलावा, प्रतिमा के रखरखाव के लिए नियमित सफाई, रखरखाव और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि प्रतिमा का निर्माण पूर्ण होने के बाद इसे राज्य के सार्वजनिक और शैक्षणिक उपयोग के लिए खोल दिया जाएगा। सभी नागरिक और विद्यार्थी यहां आकर बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान और उनके जीवन से प्रेरणा ले सकेंगे।
उद्घाटन और कार्यक्रम
प्रतिमा का उद्घाटन समारोह आगामी महीने में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री, विधायक, सामाजिक नेता और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और बाबासाहेब के जीवन पर आधारित प्रदर्शन और संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी।
प्रेरणा और संदेश
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के माध्यम से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि समानता, न्याय और समाज सुधार के लिए संघर्ष करना सभी नागरिकों का कर्तव्य है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का कार्य करेगी।
प्रतिमा का निर्माण राज्य के इतिहास और संस्कृति को संजोने के साथ-साथ नागरिकों में सामाजिक जागरूकता और अनुशासन बढ़ाने का भी साधन होगा।






