तेंदूपत्ता सीजन में भालुओं के हमले में दो ग्रामीण गंभीर घायल, गांव में दहशत, वन विभाग ने सतर्कता बढ़ाकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी।
रायपुर। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान जंगलों में जोखिम बढ़ गया है। इसी बीच भालुओं के हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें 6 भालुओं के दल ने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया। दोनों घायल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल गए थे, तभी अचानक भालुओं का सामना हो गया। भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलने पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायल ग्रामीणों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग ने आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को जंगल में जाने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेंदूपत्ता सीजन में जंगलों में वन्यजीवों की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा अधिक रहता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करे और गश्त बढ़ाई जाए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में मानव गतिविधियों के बढ़ने से वन्यजीवों के साथ संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, घटना की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।
यह घटना एक बार फिर तेंदूपत्ता सीजन के दौरान जंगलों में बढ़ते जोखिम की ओर संकेत करती है, जहां ग्रामीणों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।








