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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि : मेडिकल पीजी की 61 नई सीटें स्वीकृत, अब प्रदेश में कुल 377 शासकीय सीटें उपलब्ध

छत्तीसगढ़ को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। मेडिकल पीजी की 61 नई सीटों की स्वीकृति से प्रदेश में कुल 377 शासकीय सीटें हुईं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
मेडिकल पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) कोर्स में 61 नई सीटों को मंजूरी दी गई है, जिससे अब प्रदेश में कुल 377 शासकीय पीजी सीटें उपलब्ध होंगी।
यह निर्णय न केवल चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने में भी सहायक होगा।


🔹 चिकित्सा शिक्षा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

राज्य सरकार के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप यह मंजूरी नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा दी गई है।
इन नई सीटों में विभिन्न विशेषज्ञता विषयों जैसे —
मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ऑर्थोपेडिक्स और गायनेकोलॉजी शामिल हैं।

स्वीकृति के बाद राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर और बढ़ जाएंगे।
राज्य के चिकित्सा संस्थानों में अब छात्रों को न केवल उच्च स्तरीय शिक्षा मिलेगी, बल्कि प्रदेश के अस्पतालों को अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों का सहयोग भी मिलेगा।


🔹 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा —

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“छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में यह एक बड़ी सफलता है।
राज्य सरकार लगातार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में कार्य कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सीटों से न केवल छात्रों को फायदा होगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती भी सुनिश्चित की जा सकेगी।


🔹 स्वास्थ्य मंत्री का बयान

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा में तेजी से विकास किया है।
उन्होंने कहा —

“पहले प्रदेश में एमबीबीएस और पीजी दोनों स्तर पर सीटों की भारी कमी थी।
अब मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और एनएमसी के सहयोग से छत्तीसगढ़ ने खुद को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त राज्य के रूप में स्थापित किया है।”

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के हर मेडिकल कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण और फैकल्टी की गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं।


🔹 किन कॉलेजों में मिली नई सीटें

सूत्रों के अनुसार, एनएमसी ने जिन मेडिकल कॉलेजों में नई सीटें स्वीकृत की हैं, उनमें —

  1. डॉ. बी.आर. अंबेडकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर
  2. जगदलपुर मेडिकल कॉलेज, बस्तर
  3. रायगढ़ मेडिकल कॉलेज
  4. बिलासपुर छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (CIMS)
  5. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

इन कॉलेजों में पहले से संचालित विभागों की सीटें बढ़ाई गई हैं ताकि अधिक छात्रों को दाखिला दिया जा सके।


🔹 क्यों ज़रूरी हैं ये नई सीटें

छत्तीसगढ़ एक तेजी से विकसित होता राज्य है, लेकिन अब भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या जनसंख्या अनुपात में कम है।
नई सीटों की स्वीकृति से —

  • स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी,
  • जिलों के अस्पतालों को कुशल चिकित्सक मिलेंगे,
  • और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

राज्य के मेडिकल कॉलेज अब न केवल डॉक्टर तैयार करेंगे, बल्कि उन्हें संवेदनशील, तकनीकी रूप से दक्ष और ग्रामीण सेवा के प्रति समर्पित भी बनाएंगे।


🔹 ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को मिलेगी मजबूती

छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का हर नागरिक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सके।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने “ग्रामीण सेवा इंटर्नशिप मॉडल” भी लागू किया है, जिसके तहत पीजी डॉक्टरों को अपने कोर्स के दौरान ग्रामीण इलाकों में कार्य करना होगा।

“इन सीटों की बढ़ोतरी का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा,
जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की सबसे अधिक जरूरत है।” — स्वास्थ्य विभाग अधिकारी


🔹 मेडिकल शिक्षा में आत्मनिर्भर बनने की दिशा

अब छत्तीसगढ़ को बाहरी राज्यों से विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाने की आवश्यकता कम होगी।
नई सीटों से राज्य स्वयं विशेषज्ञ तैयार करने में सक्षम बनेगा।
साथ ही, डॉक्टरों को राज्य में ही उच्च शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे।

राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अगले तीन वर्षों में

  • दो नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे,
  • और एक सुपर-स्पेशलिटी इंस्टीट्यूट की स्थापना रायपुर में की जाएगी।

🔹 छात्र-छात्राओं में उत्साह

नई सीटों की घोषणा के बाद एमबीबीएस छात्रों में उत्साह का माहौल है।
रायपुर मेडिकल कॉलेज के एक छात्र ने कहा —

“पहले सीमित सीटों के कारण हमें दूसरे राज्यों में आवेदन करना पड़ता था।
अब अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।”

छात्रों ने सरकार और एनएमसी दोनों का आभार जताया और इसे ‘मेडिकल एजुकेशन रिफॉर्म’ की दिशा में बड़ा कदम बताया।


🔹 मेडिकल शिक्षा में तकनीकी उन्नयन

राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में अब डिजिटल क्लासरूम, वर्चुअल लैब, टेलीमेडिसिन और एआई-आधारित लर्निंग टूल्स की सुविधा दी जा रही है।
इन नई तकनीकों से डॉक्टरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण प्रणाली मिलेगी।

साथ ही, मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए
“छत्तीसगढ़ मेडिकल रिसर्च फंड” भी स्थापित किया गया है,
जिसके तहत हर साल सर्वश्रेष्ठ रिसर्च प्रोजेक्ट को सम्मानित किया जाएगा।


🔹 राज्य को मिलेगा विशेषज्ञ डॉक्टरों का नया बल

इन 61 नई सीटों के जुड़ने से आने वाले वर्षों में
राज्य को हर साल लगभग 400 नए विशेषज्ञ डॉक्टर मिलेंगे।
ये डॉक्टर हृदय रोग, कैंसर, शिशु चिकित्सा, सर्जरी, महिला स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि

“स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़” का सपना अब साकार होने की दिशा में अग्रसर है।


🔹 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी की नई सीटों की स्वीकृति राज्य के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
यह कदम न केवल चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई रोशनी भी लाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जो वादा किया था —
“हर नागरिक के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा”,
अब वह हकीकत में बदलता दिख रहा है।

छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.