खरोरा के पीएम श्री भरत देवांगन हाईस्कूल में पेड़ों की कटाई के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
खरोरा। नगर खरोरा स्थित पीएम श्री भरत देवांगन हाईस्कूल में कथित रूप से पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में स्कूल परिसर में वर्षों पहले लगाए गए सागौन, खैर और अन्य प्रजातियों के पेड़ों को संरक्षित करने की अपील की गई है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब 15 से 20 वर्ष पहले जनप्रतिनिधियों, स्कूल स्टाफ और छात्र-छात्राओं द्वारा परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया था। समय के साथ ये पेड़ बड़े और घने हो चुके थे, जिससे स्कूल परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों को छांव और स्वच्छ वातावरण भी मिलता था। संगठन का आरोप है कि हाल ही में इन पेड़ों की कटाई की गई या किए जाने की तैयारी है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन के लिए भी जरूरी हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की गई है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में स्कूल परिसरों में हरियाली बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी बात कही गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर में लगे ये पेड़ वर्षों की मेहनत का परिणाम थे और क्षेत्र की पहचान बन चुके थे। कई अभिभावकों और नागरिकों ने भी पेड़ों को बचाने की मांग करते हुए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका मानना है कि शिक्षा संस्थानों में पेड़-पौधों का संरक्षण बच्चों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में बड़े पेड़ों की मौजूदगी तापमान संतुलन बनाए रखने और प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में बिना पर्याप्त कारण और अनुमति के पेड़ों की कटाई चिंता का विषय हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी निर्माण कार्य के लिए पेड़ हटाना जरूरी हो तो उसके बदले वैकल्पिक वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। तहसील कार्यालय में दिए गए ज्ञापन के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोगों की नजरें अब जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर वे आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
स्कूल प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर मामले की जानकारी ली जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।








