पहलगाम बैठक में सांसद बृजमोहन ने बैंकिंग सुस्ती, ऋण वितरण और विकास मुद्दों पर सवाल उठाए, कारीगरी संरक्षण और उद्योग विकास पर जोर दिया।
रायपुर/पहलगाम। रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आयोजित प्राक्कलन समिति (Estimate Committee) की बैठक में राज्य के विकास, बैंकिंग कार्यप्रणाली और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस बैठक में उन्होंने विशेष रूप से ऋण वितरण में गिरावट और योजनाओं के लाभ के धरातल तक न पहुंचने पर चिंता जताई।
“एमएसएमई और भारी उद्योग क्षेत्र के संवर्धन में बैंकों की भूमिका” विषय पर आयोजित इस चर्चा में वित्त मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, भारतीय स्टेट बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान श्री अग्रवाल ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था का उद्देश्य केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तव में आम लोगों और उद्यमियों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने एसबीआई और जम्मू-कश्मीर बैंक के अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर ऋण वितरण में कमी क्यों आ रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बैंकिंग प्रणाली सक्रिय और जवाबदेह नहीं होगी, तो एमएसएमई सेक्टर का विकास प्रभावित होगा और रोजगार के अवसर सीमित रह जाएंगे।
सांसद अग्रवाल ने कश्मीर की पारंपरिक कारीगरी के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कारीगरी को बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न केवल सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि हजारों लोगों की आजीविका का साधन भी है। उन्होंने फूड प्रोसेसिंग और हाइड्रो पावर जैसे बड़े उद्योगों के विकास को जम्मू-कश्मीर की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कौशल विकास कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे पलायन कम होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
बैठक के दौरान श्री अग्रवाल ने धारा 370 हटने के बाद हुई प्रगति का भी विश्लेषण किया और अधिकारियों से विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का प्रभाव तभी सार्थक माना जाएगा, जब उनका लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे।
यह बैठक जम्मू-कश्मीर के विकास, बैंकिंग सुधार और रोजगार सृजन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।








