राज्यपाल श्री डेका से निगम अध्यक्ष श्री कावड़िया ने मुलाकात की। दिव्यांगजन कल्याण, स्वरोजगार, प्रशिक्षण और योजनाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।
रायपुर। राजभवन में आज छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन, वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसिंह कावड़िया ने राज्यपाल श्री बिस्वभूषण डेका से सौजन्य भेंट की।
इस मुलाकात में राज्य में दिव्यांगजन कल्याण, वित्तीय सहायता, रोजगार अवसरों का विस्तार और समावेशी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
राज्यपाल ने निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य का प्रमुख दायित्व है।
दिव्यांगजन के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान श्री कावड़िया ने निगम की विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी राज्यपाल को दी। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा—
- स्वरोजगार हेतु रियायती दर पर ऋण
- कौशल प्रशिक्षण
- शिक्षा सहायता
- उपकरण वितरण
- रोजगार परामर्श
जैसी सेवाएँ लगातार सुदृढ़ की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि कई दिव्यांगजन स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और सरकार इस दिशा में और अधिक लाभप्रद योजनाएँ लागू करने जा रही है।
राज्यपाल ने दी संचालन सुधार और विस्तार की सलाह
श्री डेका ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
राज्यपाल ने प्रशिक्षण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुँच सके।
नए स्वरोजगार और कौशल विकास मॉडल पर भी बातचीत
श्री कावड़िया ने बताया कि निगम विभिन्न उद्योगों और संस्थानों से साझेदारी कर दिव्यांग युवाओं के लिए नए रोजगार मॉडल तैयार कर रहा है।
तकनीक आधारित कार्य, सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर प्रशिक्षण, और कृषि आधारित उद्यम जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएँ हैं।
उन्होंने राज्यपाल को बताया कि अगले चरण में निगम बड़े पैमाने पर स्किल हब और माइक्रो-उद्यम सहायता कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।
दिव्यांगजनों को सुलभता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर
राज्यपाल ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएँ बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समावेशी विकास तभी संभव है जब हर नागरिक को बराबरी की पहुंच और सम्मान मिले।
सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि दिव्यांगजनों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।
श्री डेका ने कहा कि जागरूकता अभियान, स्कूल कार्यक्रम, मीडिया पहल और सामुदायिक भागीदारी से दिव्यांगजनों को अधिक समर्थन और अवसर मिल सकते हैं।
भेंट हुई सौहार्दपूर्ण, विकास के प्रति संकल्पित राय
मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। राज्यपाल ने निगम के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को दिव्यांगजनों के कल्याण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।
उन्होंने निगम को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
श्री कावड़िया ने राज्यपाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि निगम दिव्यांगजनों के लिए और अधिक प्रभावी एवं व्यापक योजनाएँ लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।








