उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के विकास, आय वृद्धि, आधुनिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्यरत है।
रायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के विकास, उनकी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार कृषि है और किसान उसकी रीढ़ हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को बेहतर संसाधन, योजनाओं का लाभ, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाएं और बाजार से जुड़ी अधिक अवसरयुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को समझते हुए नीतियां तैयार कर रही है। उनका उद्देश्य केवल तात्कालिक राहत देना नहीं, बल्कि कृषि को टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक स्वरूप प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर योजनाएं लागू कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि इन योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कृषि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, रोजगार और सामाजिक स्थिरता का आधार भी है। यदि किसान मजबूत होंगे, तो गांव मजबूत होंगे और जब गांव मजबूत होंगे, तभी प्रदेश का संतुलित विकास संभव होगा। उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार खेती को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। इसमें सिंचाई, उन्नत बीज, उर्वरक उपलब्धता, तकनीकी मार्गदर्शन, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है।
श्री विजय शर्मा ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कृषि के साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्यपालन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार इस दिशा में ऐसी योजनाएं बना रही है, जो किसानों को बहुआयामी आय के अवसर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों का समग्र विकास जरूरी है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को समय पर उचित जानकारी और जरूरी सहायता उपलब्ध हो। आज के दौर में खेती में तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ा है। मौसम, बाजार, उर्वरक, बीज और रोग प्रबंधन जैसी जानकारी यदि समय पर किसानों तक पहुंचे, तो उनकी उत्पादकता और लाभ दोनों बढ़ सकते हैं। इसी सोच के साथ सरकार कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने किसानों के लिए बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि यदि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले, तो उसकी आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार संभव है। इसलिए सरकार ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज के विपणन में सुविधा हो और उन्हें अधिक लाभ मिल सके। यह भी कहा गया कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और पहुंच बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि विकास के साझेदार के रूप में देखती है। इसलिए योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में किसानों की जरूरतों और अपेक्षाओं को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और किसानों के बीच यह साझेदारी राज्य को कृषि क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाएगी। साथ ही ग्रामीण विकास की गति भी तेज होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि प्रधान राज्य में किसानों के हितों पर केंद्रित नीतियां सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं। यदि किसानों को समय पर सहायता, संसाधन और उचित बाजार उपलब्ध हो, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उपमुख्यमंत्री का यह बयान इसी व्यापक सोच को दर्शाता है, जिसमें किसान कल्याण को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर देखा जा रहा है।
रायपुर में दिए गए इस संदेश से यह स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को केवल पारंपरिक ढांचे में नहीं, बल्कि आधुनिक और समग्र दृष्टिकोण से विकसित करना चाहती है। किसानों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना, उन्हें नई तकनीकों से जोड़ना, उनकी आय के स्रोत बढ़ाना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देना इसी नीति का हिस्सा है। इससे भविष्य में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती है।
कुल मिलाकर, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का यह वक्तव्य किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और आने वाले समय में भी कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। यह सोच न केवल किसानों के हित में है, बल्कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।










