राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा, कृषि, उद्योग, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका ने कहा है कि राज्य आज विकास, शिक्षा, उद्योग, कृषि, संस्कृति और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति केवल सरकारी योजनाओं की देन नहीं है, बल्कि यहां की मेहनती जनता, नवाचार की भावना और परंपरा के सम्मान का परिणाम है।
राज्यपाल श्री डेका रायपुर में आयोजित एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां विभिन्न जिलों से आए नागरिकों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ अब आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में कदम दर कदम आगे बढ़ रहा है। राज्य की यह प्रगति पूरे देश के लिए प्रेरणा है।”
कृषि और ग्रामीण विकास में छत्तीसगढ़ की मिसाल
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘धान का कटोरा’ कहलाता है, लेकिन अब यह राज्य केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं है। यहां के किसान अब जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई, फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कृषि वैज्ञानिक मिलकर किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ रहे हैं, जिससे उत्पादन और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।
उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं की भी सराहना की और कहा कि “गांवों का विकास ही असली प्रगति की पहचान है। जब ग्रामीण खुशहाल होंगे, तभी राज्य मजबूत बनेगा।”
शिक्षा और कौशल विकास में नई दिशा
राज्यपाल डेका ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज का आधार होती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार और निजी संस्थान मिलकर युवाओं को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने में लगे हैं।
उन्होंने कहा, “कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता का आधार है। आज के युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं।”
उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों, विशेषकर तकनीकी और कला संस्थानों की प्रशंसा की, जो विद्यार्थियों को नवीनतम शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव दोनों प्रदान कर रहे हैं।
औद्योगिक और आर्थिक प्रगति
छत्तीसगढ़ को खनिज संपदा का भंडार बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य में इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि “सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है, जिससे घरेलू और विदेशी दोनों निवेशक राज्य में उद्योग स्थापित कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ रहा है।
महिलाओं की भागीदारी — विकास की शक्ति
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं की भूमिका आज हर क्षेत्र में बढ़ रही है। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि “महिलाएं अब केवल घर की जिम्मेदारी नहीं निभा रहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी बन गई हैं।”
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
संस्कृति और परंपरा — राज्य की पहचान
राज्यपाल डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति उसकी आत्मा है। यहां की लोककला, संगीत, नृत्य और त्योहार न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि सामाजिक एकता के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का सुंदर संतुलन इस राज्य को विशेष बनाता है।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहें।
पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर बल
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता, झरने, गुफाएं, ऐतिहासिक स्थल और जनजातीय संस्कृति राज्य को एक अनूठी पहचान देते हैं।
उन्होंने कहा, “इको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जो राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकती हैं।”
साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी बल देते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
राज्य की उपलब्धियां और आगे का मार्ग
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले दो दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि “राज्य की सबसे बड़ी ताकत इसकी जनता है — मेहनती, जागरूक और संस्कारित। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ अब विकासशील नहीं, बल्कि विकसित राज्यों की श्रेणी में कदम रख रहा है।”
राज्यपाल ने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने कौशल, ऊर्जा और नवाचार को राज्य के विकास में लगाएं। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक छत्तीसगढ़ का दशक होगा।
समापन
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल श्री डेका ने सभी नागरिकों से राज्य के समग्र विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा —
“जब हर नागरिक अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाएगा, तभी छत्तीसगढ़ सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा।”
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत, बल्कि पूरे देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।








