राज्योत्सव में लगी डिजिटल प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा प्रदर्शित की जा रही है। आधुनिक तकनीक से सजे स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव 2025 में इस बार तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
राजधानी रायपुर में आयोजित इस आयोजन का सबसे आकर्षक हिस्सा है — डिजिटल प्रदर्शनी, जिसमें छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।
इस डिजिटल प्रदर्शनी ने नागरिकों, छात्रों, तकनीकी विशेषज्ञों और आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
💡 छत्तीसगढ़ की विकास गाथा डिजिटल स्वरूप में
राज्योत्सव मैदान में लगी यह प्रदर्शनी राज्य के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों की डिजिटल झलकियां पेश कर रही है।
यहां लगी बड़ी LED स्क्रीन, होलोग्राम डिस्प्ले, इंटरएक्टिव टच पैनल और ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए लोगों को दिखाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ ने 2000 से 2025 तक किन-किन क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है।
लोग स्क्रीन पर क्लिक करके शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारी खुद देख और सुन सकते हैं।
यह “डिजिटल अनुभव” दर्शकों के लिए न केवल जानकारीपूर्ण है बल्कि भावनात्मक भी।
“इस प्रदर्शनी ने दिखा दिया कि छत्तीसगढ़ ने दो दशकों में विकास की हर दिशा में अपना झंडा बुलंद किया है।”
— एक आगंतुक, रायपुर निवासी
🏛️ शासन के 25 वर्षों की उपलब्धियां एक मंच पर
डिजिटल प्रदर्शनी में जनसम्पर्क, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, कृषि और महिला बाल विकास विभाग के डिजिटल स्टॉल लगाए गए हैं।
हर विभाग ने अपने प्रमुख कार्यक्रमों, उपलब्धियों और योजनाओं को ग्राफिक्स और वीडियो के जरिए प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं — गोधन न्याय योजना, सुराजी ग्राम योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, स्वामी आत्मानंद विद्यालय योजना और गार्बेज फ्री छत्तीसगढ़ मिशन — को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।
लोग यह देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं कि किस तरह छत्तीसगढ़ ने अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए लोककल्याणकारी राज्य की पहचान स्थापित की है।
🌾 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्रामीण परिवर्तन की कहानी
प्रदर्शनी में एक विशेष सेक्शन “गांव से विकास तक” नाम से बनाया गया है, जिसमें राज्य के ग्रामीण इलाकों में हुए बदलावों को दिखाया गया है।
डिजिटल स्क्रीन पर दर्शक देख पा रहे हैं कि कैसे पहले जो गांव बिजली, सड़क और संचार सुविधाओं से वंचित थे, आज स्मार्ट गांवों में बदल चुके हैं।
साथ ही यह भी दिखाया गया है कि कैसे गोधन न्याय योजना और रूरल इंडस्ट्रियल पार्क्स (RIPA) ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
🧑💻 युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी डिजिटल प्रदर्शनी
राज्योत्सव में पहुंचे युवाओं के लिए यह प्रदर्शनी सीखने और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।
यहां स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल गवर्नेंस और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स की जानकारी उपलब्ध है।
कई छात्र और इंजीनियरिंग कॉलेज के युवा इन मॉडलों को देखकर उत्साहित नजर आए।
“यह देखकर अच्छा लगता है कि छत्तीसगढ़ अब केवल पारंपरिक राज्य नहीं, बल्कि डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल बन चुका है।”
— छात्रा, साइंस कॉलेज रायपुर
🏥 शिक्षा और स्वास्थ्य में प्रगति की झलक
प्रदर्शनी के एक भाग में स्वास्थ्य और शिक्षा सुधारों की झलक प्रदर्शित की गई है।
डिजिटल मॉड्यूल में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में खुले स्वामी आत्मानंद स्कूल, ई-कक्षा प्रणाली, और टेलीमेडिसिन सेवाओं की जानकारी दी गई है।
लोग यहां वर्चुअल टूर के जरिए यह देख पा रहे हैं कि कैसे छत्तीसगढ़ ने शिक्षा और स्वास्थ्य को डिजिटल टेक्नोलॉजी से जोड़कर दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाया है।
🌿 पर्यावरण और सतत विकास पर विशेष सेक्शन
प्रदर्शनी में “हरित छत्तीसगढ़” नामक डिजिटल सेक्शन भी रखा गया है।
यहां राज्य के पर्यावरण संरक्षण, जल-संवर्धन और वृक्षारोपण अभियानों को इंटरएक्टिव चार्ट्स और डाटा विज़ुअलाइजेशन के माध्यम से दिखाया गया है।
लोगों ने बताया कि यह सेक्शन यह समझने में मदद करता है कि विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन कैसे बनाए रखा गया है।
🎨 सांस्कृतिक विरासत का डिजिटल दस्तावेज
प्रदर्शनी का एक आकर्षक हिस्सा है — “संस्कृति का सफर”।
यहां छत्तीसगढ़ की लोककला, आदिवासी नृत्य, त्यौहार, पारंपरिक वेशभूषा और बस्तर की हस्तशिल्प कला को डिजिटल गैलरी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
लोग QR कोड स्कैन कर अपने मोबाइल पर भी इनकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
🌠 जनता में उत्साह और गर्व
राज्योत्सव में हर दिन हजारों लोग इस डिजिटल प्रदर्शनी को देखने पहुंच रहे हैं।
परिवारों, छात्रों, कलाकारों और पर्यटकों में इस बात को लेकर उत्साह है कि राज्य की कहानी अब डिजिटल रूप में दर्ज हो चुकी है।
लोगों ने कहा कि यह प्रदर्शन न केवल अतीत की झलक दिखाता है, बल्कि भविष्य के छत्तीसगढ़ की रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है।
“डिजिटल प्रदर्शनी देखकर लगा कि हमारा राज्य अब तकनीक के साथ कदम से कदम मिला रहा है।”
— आगंतुक, बिलासपुर
🔮 नया छत्तीसगढ़ : भविष्य की झलक
राज्योत्सव में इस प्रदर्शनी का एक विशेष हिस्सा “छत्तीसगढ़ 2040 विज़न” के नाम से भी लगाया गया है, जिसमें राज्य के भविष्य की योजनाओं — हरित ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं, स्मार्ट प्रशासन और महिला सशक्तिकरण — को प्रस्तुत किया गया है।
यह भाग दिखाता है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ कैसे “डिजिटल भारत का नेतृत्व करने वाले राज्यों” में शामिल होगा।
🌟 निष्कर्ष
राज्योत्सव की डिजिटल प्रदर्शनी ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ केवल संसाधनों का नहीं बल्कि विचारों, नवाचार और तकनीकी प्रगति का भी राज्य है।
25 वर्षों की यह यात्रा — संघर्ष से सफलता, और परंपरा से तकनीक तक — हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय बन गई है।
राज्य की यह पहल न केवल विकास की कहानी दिखा रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए डिजिटल इतिहास का निर्माण भी कर रही है।








