छत्तीसगढ़ की बेटी एवरेस्ट फतह करने निकली, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभकामनाएं दीं और इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की एक होनहार बेटी ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का सपना लेकर अपनी ऐतिहासिक यात्रा शुरू कर दी है। इस साहसिक अभियान को लेकर पूरे प्रदेश में गर्व और उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस बेटी को शुभकामनाएं देते हुए उसकी सफलता की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रयास नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और यह अभियान अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
जानकारी के अनुसार, यह युवा पर्वतारोही लंबे समय से इस अभियान की तैयारी कर रही थी। उसने कठिन प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता के बल पर इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया है। एवरेस्ट अभियान को दुनिया के सबसे कठिन अभियानों में से एक माना जाता है, जहां मौसम, ऑक्सीजन की कमी और खतरनाक रास्ते बड़ी चुनौतियां पेश करते हैं।
परिवार और स्थानीय लोगों ने भी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उसकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
खेल और साहसिक गतिविधियों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि राज्य और देश की पहचान को भी वैश्विक मंच पर स्थापित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खिलाड़ियों और युवाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इस अभियान के सफल होने पर यह छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। प्रदेशवासियों को उम्मीद है कि यह बेटी एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराकर पूरे देश का नाम रोशन करेगी।










