रायपुर। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजनांदगांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग पहुंचे, जिन्होंने अपनी समस्याएं—जैसे राजस्व, राशन, पेंशन, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे—मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच दूरी को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन सीधे लोगों के बीच पहुंचता है, तो समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से हो पाता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों का रिकॉर्ड तैयार कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी समस्या का समाधान लंबित न रहे। साथ ही, योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी मुलाकात की और उनसे योजनाओं के प्रभाव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास की मुख्यधारा से कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें पहली बार अपनी समस्याएं सीधे उच्च स्तर पर रखने का अवसर मिला है, जिससे समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
अधिकारियों के अनुसार, शिविर में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और शेष मामलों पर कार्यवाही जारी है।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही है।








