रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का विमोचन किया, जिसमें गौ-पालन की धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्ता को शोधपरक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ शीर्षक ग्रंथ का विमोचन किया। यह ग्रंथ भारतीय परंपरा में गौ-पालन की सांस्कृतिक, धार्मिक और वैज्ञानिक प्रासंगिकता को समर्पित है, जिसमें गौवंश के संरक्षण, उपयोगिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से उनके गहरे संबंधों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय समाज में गाय केवल पशुपालन का हिस्सा नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान भी गौ-उत्पादों के कई उपयोगी पहलुओं को प्रमाणित कर रहा है, जिससे यह विषय और भी महत्वपूर्ण बन जाता है। ऐसे में इस प्रकार का शोधपरक ग्रंथ समाज को नई दृष्टि प्रदान करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और कृषक परिवारों की आजीविका में गौ-पालन की अहम भूमिका है। इससे कृषि उत्पादन, जैविक खेती, डेयरी उद्योग और पोषण सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिलती है। उन्होंने गौ-संरक्षण और संवर्धन को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक को साथ लेकर चलने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम में ग्रंथ के लेखक और संपादकों ने पुस्तक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसमें धर्मग्रंथों के संदर्भों के साथ-साथ वैज्ञानिक शोध और आधुनिक प्रयोगों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य गौ-पालन को केवल भावनात्मक दृष्टि से नहीं, बल्कि व्यावहारिक और अनुसंधानपरक नजरिये से समझाना है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्वानों, शोधकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गौ-सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने इस ग्रंथ को समयानुकूल और शोधपरक बताते हुए उम्मीद जताई कि यह समाज में जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा।
कार्यक्रम का समापन गौ-पालन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामोन्मुख विकास को प्रोत्साहित करने के संकल्प के साथ हुआ।








