मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों और कर्मचारियों से निष्ठा व सेवा भाव से जनसेवा कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ जनसेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक शासकीय अधिकारी और कर्मचारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब प्रशासन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए प्रशासनिक तंत्र को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें और शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करें।
श्री साय ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को गति मिलती है। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना ही सुशासन की पहचान है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे। पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही को प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और सुशासन का मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री के इस संदेश को प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि सेवा भाव और जनहित को प्राथमिकता देकर ही राज्य के समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।




