मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 5 जुलाई को रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 का नामकरण एवं लोकार्पण करेंगे, जिससे व्यापार और अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 जुलाई को डूमरतराई स्थित थोक बाजार फेस-2 का नामकरण एवं लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारी संगठन के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में व्यापारी एवं नागरिक उपस्थित रहेंगे।
डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के शुरू होने से राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले व्यापारियों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित व्यापारिक परिसर की सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर आधारभूत संरचना प्रदान करना, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना तथा किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच वस्तुओं की आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाना है।
राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक थोक बाजार के संचालन से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डूमरतराई फेस-2 में व्यापारियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के साथ बेहतर सड़क, पार्किंग, जलापूर्ति, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विकास किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश में अधोसंरचना विकास, व्यापार को प्रोत्साहन और निवेश बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण प्रदेश के व्यापारिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राजधानी में बढ़ते व्यापारिक दबाव को कम करने के साथ-साथ व्यापारियों को बेहतर कार्य वातावरण भी उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी साझा करेंगे और प्रदेश में व्यापार एवं उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराएंगे। व्यापारिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है।
डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 का संचालन शुरू होने के बाद प्रदेश के कृषि उत्पाद, फल-सब्जी, किराना एवं अन्य थोक व्यापार से जुड़े कारोबारियों को अधिक सुव्यवस्थित बाजार व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




