मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और एकता के योगदान को याद किया।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के प्रति दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भारत के महान सपूतों में से एक बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने देश की अखंडता और एकता के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके विचार आज भी देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और शिक्षा को समाज के समग्र विकास का आधार माना। उनके सिद्धांत और आदर्श आज भी सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सुशासन, पारदर्शिता, जनकल्याण और समावेशी विकास के माध्यम से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का अनुसरण करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास की दिशा में और अधिक प्रभावी कार्य किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और जनसेवा की भावना को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर जनहित और विकास के कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से देश और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया।




