मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने समाज की एकता, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर बल दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के प्रांतीय सम्मेलन में शामिल होकर समाज के लोगों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कल्चुरी कलार समाज ने न केवल प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखा है, बल्कि शिक्षा, व्यवसाय और लोकसंस्कृति के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने समाज के सभी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा —
“कल्चुरी समाज की ऐतिहासिक परंपराएँ और जीवन मूल्यों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। समाज की एकता और जागरूकता ही राज्य की मजबूती का आधार है।”
🌺 समाज के उत्थान के लिए एकजुटता आवश्यक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब सभी वर्ग एकजुट होकर शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक सहयोग की दिशा में कार्य करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए समान अवसर और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विकास में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है —
“सरकार तभी मजबूत होती है, जब समाज के सभी समुदाय सशक्त और आत्मनिर्भर हों।”
📚 शिक्षा और युवाओं पर मुख्यमंत्री का विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने समाज के युवाओं और विद्यार्थियों से कहा कि वे शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, और शिक्षा ही वह माध्यम है जो नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बना सकता है।
“हमारा लक्ष्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में शिक्षा केंद्र, छात्रवृत्ति योजना और करियर मार्गदर्शन शिविरों का आयोजन करें ताकि युवा पीढ़ी आगे बढ़ सके।
🪔 सांस्कृतिक पहचान और गौरव की विरासत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कल्चुरी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की।
उन्होंने कहा कि समाज की लोककला, संगीत, भोजन शैली और जीवन दर्शन छत्तीसगढ़ी संस्कृति की आत्मा हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लोकसंस्कृति के संरक्षण और प्रसार के लिए नए सांस्कृतिक भवनों और सामुदायिक केंद्रों की स्थापना कर रही है।
“हमारी संस्कृति हमारी पहचान है। इसे जीवित रखना हर पीढ़ी का दायित्व है।”
🏛️ समाज प्रतिनिधियों ने रखीं मांगें
सम्मेलन में समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कई मांगें रखीं, जिनमें
- समाज के लिए सामुदायिक भवन की स्थापना,
- युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र,
- छात्रवृत्ति योजना,
- और राज्यस्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन शामिल था।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार समाज की इन सभी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी और योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।
🌾 आत्मनिर्भरता और उद्यमिता पर चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के युवाओं को सरकारी नौकरियों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्व-रोजगार और लघु उद्योगों की दिशा में भी कदम बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है।
“आज के युवा अपने हुनर से न केवल खुद आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।”
🙏 समाज की महिलाओं की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने समाज की महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि समाज की महिलाएँ शिक्षा, व्यवसाय और सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही समाज और परिवार दोनों का उत्थान संभव है।
“महिलाएँ समाज की नींव हैं। जब वे सशक्त होती हैं, तो आने वाली पीढ़ियाँ भी मजबूत होती हैं।”
🌸 सम्मेलन का उत्सवमय वातावरण
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक पोशाकों में भाग लिया। मंच पर समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और उन्हें कल्चुरी परंपरा का प्रतीक चिह्न एवं शाल भेंट किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में समाज के कलाकारों ने लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“आपकी संस्कृति छत्तीसगढ़ की आत्मा है, इसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाना ही असली सम्मान है।”
🌼 मुख्यमंत्री ने दिया प्रेरणादायक संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब शिक्षा, संस्कार और परंपरा एक साथ चलें।
उन्होंने कहा कि सरकार हर समाज के साथ मिलकर समान विकास, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव के लिए प्रतिबद्ध है।
“समाज की मजबूती ही राज्य की शक्ति है — यही छत्तीसगढ़ की पहचान है।”








