खालसा स्कूल में आयोजित ‘सिक्खी स्वरूप अते प्रश्नोत्तरी मुकाबला 2026’ में बच्चों ने प्रतिभा दिखाई, संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़ाव का संदेश दिया।
रायपुर। पंडरी स्थित खालसा स्कूल में ‘सिक्खी स्वरूप अते प्रश्नोत्तरी मुकाबला 2026’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा के साथ-साथ सिक्खी संस्कृति और धार्मिक ज्ञान का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना था।
प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों के लिए सिक्खी स्वरूप में उपस्थित होना अनिवार्य रखा गया था। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरुचरण सिंह होरा, समाजसेवी जगजीत सिंह खनूजा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता को चार आयु वर्गों में आयोजित किया गया। ग्रुप ए में नन्हे बच्चों ने आकर्षक सिक्खी स्वरूप के साथ रैंप वॉक कर दर्शकों का मन मोह लिया। ग्रुप बी में सिक्खी धर्म के 35 अक्षरों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता हुई, जबकि ग्रुप सी में धार्मिक ज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। ग्रुप डी के प्रतिभागियों ने ‘सिक्खी स्वरूप’, ‘पंजाबी मां बोली’ और ‘पंच ककार का महत्व’ विषयों पर कविता, साखी एवं गुरमत विचार प्रस्तुत किए।
विजेताओं के लिए हारमोनियम, तबला और कैसियो जैसे आकर्षक पुरस्कार रखे गए। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को टैबलेट प्रदान किए गए। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘सोहणा बीबा बच्चा’ पुरस्कार रहा, जिसके विजेता को लैपटॉप भेंट किया गया।
इस अवसर पर अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में धार्मिक ज्ञान, संस्कार और अपनी पहचान के प्रति गर्व की भावना विकसित करते हैं। वहीं गुरुचरण सिंह होरा ने कहा कि आधुनिक दौर में बच्चों का अपनी जड़ों, संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिक्खी संस्कृति सेवा, अनुशासन, साहस और मानवता का संदेश देती है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।
समाजसेवी जगजीत सिंह खनूजा ने भी ऐसे आयोजनों को नई पीढ़ी को संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बताया। छत्तीसगढ़ सिख संगठन लेडिस विंग की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता डी अरोड़ा ने कहा कि बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी प्रेरणादायक रही और भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में छत्तीसगढ़ सिख संगठन लेडिस विंग की पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम जल्द घोषित किए जाएंगे।




