भारत पर 50% टैरिफ बढ़ाने पर सीएम साय ने ट्रंप की निंदा की और बिजली बिल पर कांग्रेस के विरोध को मुफ्त बिजली योजना से जवाब दिया।
रायपुर। भारत पर 50% आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “ट्रंप जैसे नेता से भारत विरोधी निर्णय की उम्मीद नहीं थी।” मुख्यमंत्री ने इसे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए झटका बताया और साथ ही देश की आर्थिक संप्रभुता के खिलाफ बताया।
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इस बयान के साथ ही सीएम साय ने कांग्रेस के बिजली बिल हाफ योजना पर भी पलटवार किया और कहा कि उनकी सरकार “हाफ से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की दिशा में काम कर रही है।” उन्होंने छत्तीसगढ़ में ‘पीएम सूर्यघर योजना’ के तहत घर-घर सोलर पैनल लगाने के अभियान का जिक्र करते हुए इसे स्थायी समाधान बताया।
अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री साय ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि अमेरिका का यह निर्णय भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करेगा। “यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम वर्गीय उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा,” उन्होंने कहा।
ट्रंप प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय के तहत भारत से आयात होने वाले स्टील, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा कम होगी।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध पिछले दो दशकों में मजबूत हुए हैं, लेकिन इस प्रकार की नीतियां दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी को उजागर करती हैं। साय ने कहा, “हम भारत-अमेरिका संबंधों को रणनीतिक साझेदारी मानते हैं, लेकिन ऐसे निर्णय उस विश्वास को कमजोर करते हैं।”
बिजली पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर पलटवार
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने हाल ही में बिजली दरों में वृद्धि के आरोप लगाकर ‘बिजली बिल हाफ’ आंदोलन चलाया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा, “हाफ पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हम तो लोगों को मुफ्त बिजली देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्यघर योजना’ के तहत राज्य में वॉर्ड स्तर पर सोलर पैनल लगाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे लाखों परिवारों को हर महीने बिजली बिल से छुटकारा मिलेगा।
‘सोलर इंडिया’ की दिशा में छत्तीसगढ़
साय ने कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि अगले दो वर्षों में 10 लाख घरों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सुविधा केंद्र व राज्य सरकार मिलकर दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि “हम बिजली बिल को सिर्फ हाफ नहीं करना चाहते, हम चाहते हैं कि लोग बिजली के लिए भुगतान ही न करें। यह तभी संभव होगा जब हम ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को अपनाएं।”
राजनीतिक संकेत और 2029 की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम साय का यह बयान न सिर्फ राज्य में कांग्रेस के विरोध को जवाब देने की कोशिश है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की आर्थिक नीति को भी मजबूती से रखने का प्रयास है।
वहीं, अमेरिका के ट्रंप प्रशासन द्वारा लिया गया यह टैरिफ निर्णय आने वाले समय में भारत की विदेशी नीति और चुनावी रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।
व्यापार मंडल की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर टैरिफ बढ़ाना, छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक प्रभावित करेगा। सरकार को इस पर त्वरित कूटनीतिक कार्रवाई करनी चाहिए।”
कांग्रेस का जवाब
वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि “मुख्यमंत्री सिर्फ बातें कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जनता का बिजली बिल बढ़ गया है। सोलर पैनल की योजना केवल पोस्टर तक सीमित है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन जनता की जरूरत पर आधारित है और आगे भी बिजली दरों में कटौती की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।








