छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विकास को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच मजबूत समन्वय ही छत्तीसगढ़ के तीव्र और समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए केंद्र की योजनाओं और राज्य की प्राथमिकताओं को एक साथ लाएगी, जिससे प्रदेश को विकास की नई गति मिल सके। यह बयान रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आया, जहाँ उन्होंने राज्य के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समन्वय का महत्व और साय का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने बयान में केंद्र-राज्य समन्वय को छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक संघीय ढाँचा है, जहाँ केंद्र और राज्य सरकारों की अपनी-अपनी भूमिकाएँ होती हैं, लेकिन जब ये दोनों मिलकर काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। साय ने बताया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल केंद्र की योजनाओं को लागू करना नहीं है, बल्कि उन्हें छत्तीसगढ़ की स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित करना भी है, ताकि उनका अधिकतम लाभ प्रदेश की जनता तक पहुँच सके। उन्होंने सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांत पर विशेष बल दिया, जिसके तहत केंद्र और राज्य एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करते हैं, न कि प्रतिद्वंद्वी के रूप में। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कभी-कभी केंद्र और राज्य के बीच संवादहीनता या मतभेद के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ अधूरी रह जाती थीं या धीमी गति से चलती थीं, लेकिन उनकी सरकार इस प्रवृत्ति को समाप्त कर एक नई कार्यसंस्कृति स्थापित करेगी। उनका मानना है कि आपसी विश्वास, पारदर्शी संवाद और सहयोग का माहौल ही छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध राज्य बनाने में सहायक होगा, जहाँ हर वर्ग का व्यक्ति विकास का भागीदार बन सके और उसे इसका सीधा लाभ मिले।
विकास के प्रमुख क्षेत्र और प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन प्रमुख क्षेत्रों को भी रेखांकित किया जहाँ केंद्र और राज्य के समन्वय से विशेष प्रगति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार है, और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को राज्य की महतारी वंदन योजना जैसी पहलों के साथ जोड़कर कृषि क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है। इसी तरह, बुनियादी ढाँचे के विकास, जिसमें सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे और डिजिटल कनेक्टिविटी शामिल हैं, में केंद्र से मिलने वाले सहयोग से बड़े पैमाने पर सुधार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते जनजातीय कल्याण और उनके सशक्तिकरण पर जोर दिया, जिसके लिए केंद्र की जनजातीय कार्य मंत्रालय और राज्य के आदिवासी विकास विभाग के बीच गहन समन्वय आवश्यक होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी केंद्र की राष्ट्रीय शिक्षा नीति और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप ढालकर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन भी उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है, जहाँ केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों को छत्तीसगढ़ में निवेश आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
चुनौतियों और आगे की राह
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ के सामने अभी भी कई चुनौतियाँ हैं, जिनमें नक्सलवाद, पिछड़े क्षेत्रों का विकास, और संसाधनों का प्रभावी उपयोग शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने दृढ़ता से कहा कि केंद्र और राज्य के बीच सशक्त समन्वय इन चुनौतियों का सामना करने में सबसे बड़ा हथियार होगा। साय ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र के साथ नियमित संवाद स्थापित करेगी, विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठकें आयोजित करेगी और छत्तीसगढ़ के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के अधिकारी केंद्र सरकार के साथ मिलकर परियोजनाओं की निगरानी करेंगे, ताकि कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की जनता से भी अपील की कि वे इस विकास यात्रा में सरकार का साथ दें और अपने सुझावों से भी अवगत कराएँ। उनका मानना है कि जब सरकार, प्रशासन और जनता एक ही दिशा में काम करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। विष्णुदेव साय का यह दृष्टिकोण छत्तीसगढ़ को विकास के एक नए युग में ले जाने का वादा करता है, जहाँ समग्र विकास, जन कल्याण और सुशासन ही सर्वोपरि होगा, और प्रदेश देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।




