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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में ठंड ने दी दस्तक: नमी घटने से बढ़ेगा पारा गिरने का असर, रजाई-कंबल निकालने का समय आ गया!

छत्तीसगढ़ में नमी घटने से ठंड बढ़ने लगी, अगले कुछ दिनों में तापमान 4 डिग्री तक गिर सकता है। मौसम विभाग ने सर्दी बढ़ने की चेतावनी दी।

रायपुर। मौसम के मिज़ाज ने करवट ले ली है। छत्तीसगढ़ में अब ठंड ने आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। नमी घटने और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं के आगमन के कारण सुबह और रात के तापमान में तेज गिरावट देखने को मिलेगी।

रायपुर, दुर्ग, कोरबा, राजनांदगांव, कांकेर, और बिलासपुर जिलों में अगले हफ्ते से ठंडी हवाओं का प्रभाव और बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि लोग अब रजाई-कंबल तैयार रखें, क्योंकि सर्दी तेजी से बढ़ने वाली है।


मौसम विभाग की चेतावनी – तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट संभव

मौसम विभाग रायपुर केंद्र के अनुसार, फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य है, लेकिन रात में ठंडी हवाओं का असर दिखना शुरू हो गया है।
मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि,

“उत्तर-पूर्वी हवाएं छत्तीसगढ़ के ऊपरी इलाकों तक पहुंचने लगी हैं। इससे अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी।”

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उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह तक हवा में नमी का स्तर अधिक था, जिससे ठंड का असर कम महसूस हो रहा था। लेकिन अब नमी घटने और हवाओं की दिशा बदलने से मौसम शुष्क और ठंडा होने लगा है।


कांकेर और कोरबा में तापमान 14 डिग्री तक जा सकता है

प्रदेश के उत्तरी और मध्य भागों में तापमान में गिरावट अधिक देखने को मिलेगी। कांकेर, कोरबा, अंबिकापुर, और बस्तर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
रायपुर और दुर्ग में भी रात का पारा 16-18 डिग्री तक लुढ़क सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर का दूसरा सप्ताह जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे सर्दी और तेज़ होती जाएगी।


सुबह-शाम धुंध और हल्की ठंड की अनुभूति

कई इलाकों में सुबह और देर रात हल्की धुंध दिखाई देने लगी है। रायपुर और बिलासपुर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है।
बस्तर में भी हवाएं ठंडी हो रही हैं और शाम के समय लोग स्वेटर या जैकेट पहनते दिखाई देने लगे हैं।


उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ा

दिल्ली, राजस्थान, और उत्तर प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में पहले से ही ठंड बढ़ रही है। वहां से चलने वाली उत्तर-पूर्वी हवाएं अब मध्य भारत में प्रवेश कर रही हैं, जिससे छत्तीसगढ़ में भी ठंड का असर महसूस हो रहा है।
यह स्थिति अगले एक सप्ताह तक बनी रहेगी, और उसके बाद तापमान में और गिरावट संभव है।


स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मामले बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात में ठंडी हवा से बचें और बच्चों व बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाएँ।

डॉ. मनीषा शर्मा, सिविल अस्पताल रायपुर की चिकित्सक, ने कहा —

“इस समय शरीर को ठंडी हवा से बचाना जरूरी है। सुबह की सैर पर जाने वाले लोग ऊनी कपड़े जरूर पहनें और चाय या सूप जैसे गर्म पेय पदार्थ लें।”


किसानों के लिए राहत, पर फसलों पर ध्यान जरूरी

मौसम विभाग ने बताया कि यह ठंड अभी फसलों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालेगी। बल्कि धान की कटाई के लिए यह अनुकूल मौसम माना जा रहा है।
हालांकि किसानों को सलाह दी गई है कि यदि तापमान 12 डिग्री से नीचे जाता है, तो धान की बालियों और सब्जियों पर ओस जमने की संभावना बढ़ जाएगी।


रायपुर में सर्दी की पहली दस्तक से बाजारों में रौनक

मौसम के ठंडे होते ही ऊन के कपड़ों और कंबलों की बिक्री में तेजी आई है। रायपुर के मालवीय रोड और पंडरी मार्केट में विंटर कलेक्शन की खरीदारी शुरू हो गई है।
कई दुकानदारों का कहना है कि लोग अब गर्म कपड़ों की खरीदारी पहले से कर रहे हैं ताकि ठंड बढ़ने पर दिक्कत न हो।


पिछले साल की तुलना में इस बार ठंड पहले

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ठंड करीब 10 दिन पहले शुरू हो गई है।
2024 में नवंबर के तीसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई थी, जबकि इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही सर्दी के संकेत मिलने लगे हैं।


छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:

  • 6 से 9 नवंबर के बीच न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री तक गिरेगा।
  • बस्तर और कोरबा में तापमान 14 डिग्री के आसपास रहेगा।
  • रायपुर और दुर्ग में हल्की ठंडी हवाएं चलेंगी।
  • 10 नवंबर के बाद ठंड और तेज़ हो सकती है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में अब ठंड पूरी तरह से दस्तक दे चुकी है। नमी घटने और उत्तर भारत से आने वाली हवाओं के कारण रात का पारा गिरना तय है। मौसम विभाग ने आमजन से सतर्क रहने और बदलते तापमान के अनुसार जीवनशैली में बदलाव करने की सलाह दी है। अब समय आ गया है कि रजाई-कंबल निकालकर तैयार रहें, क्योंकि आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने वाली है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.