सुकमा कलेक्टर ने दोरनापाल में शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
सुकमा। सुकमा जिले के कलेक्टर ने दोरनापाल क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर के दौरे का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझना और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सबसे पहले ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, मनरेगा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों से कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा के पालन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
कलेक्टर ने दोरनापाल में आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों और हितग्राहियों से बातचीत कर योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में फीडबैक लिया। कई ग्रामीणों ने बताया कि योजनाओं से उन्हें लाभ मिला है, जबकि कुछ ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता भी बताई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की शिकायतों का जल्द निराकरण किया जाए और योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
उन्होंने स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। कलेक्टर ने पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से ही विकास कार्यों को गति मिल सकती है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, दोरनापाल क्षेत्र में सड़क निर्माण, बिजली व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें, इसके लिए नियमित निगरानी जरूरी है।
दौरों और निरीक्षणों के माध्यम से प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को समझने का प्रयास कर रहा है। कलेक्टर ने भरोसा जताया कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दोरनापाल क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।








