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छत्तीसगढ़

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध — छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल

छत्तीसगढ़ ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए संवेदनशील नीति और योजनाएं बनाकर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया — मुख्यमंत्री साय का मानवीय दृष्टिकोण सराहनीय।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ने अपने 25 वर्षों की विकास यात्रा में न केवल भौतिक और आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी एक मिसाल कायम की है। वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद जीवन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता इसे एक “आदर्श मॉडल” के रूप में प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने वृद्ध जनों के लिए कई योजनाएं और नीतियां शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य है— हर वरिष्ठ नागरिक को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करना।


🌿 वरिष्ठ नागरिक सम्मान नीति — गरिमा और आत्मसम्मान के साथ जीवन

राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ वरिष्ठ नागरिक सम्मान नीति” लागू की है, जिसके अंतर्गत वृद्ध जनों को समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस नीति का मुख्य लक्ष्य है —

  • सामाजिक सुरक्षा,
  • आर्थिक सहायता,
  • स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता,
  • और मानसिक शांति का वातावरण तैयार करना।

नीति के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन, नि:शुल्क चिकित्सा, दिव्यांग सहायता उपकरण, और वरिष्ठ नागरिक कार्ड जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

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💊 स्वास्थ्य सुरक्षा — हर आयु में स्वस्थ जीवन का अधिकार

राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई “मुख्यमंत्री वरिष्ठ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना” के तहत बुजुर्गों को जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और चयनित निजी संस्थानों में नि:शुल्क चिकित्सा सेवा दी जा रही है।
साथ ही मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी वृद्धजन तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने “सीनियर हेल्थ कार्ड” प्रणाली भी शुरू की है, जिसके जरिए वृद्धजन अपने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और दवा वितरण की जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।


🏠 निवास और देखभाल — ‘स्नेह निकेतन’ बना सहारा

वृद्ध नागरिकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने “स्नेह निकेतन गृह योजना” शुरू की है।
इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में आवासीय वृद्धाश्रम स्थापित किए जा रहे हैं, जहां वरिष्ठ नागरिकों को भोजन, चिकित्सा, मनोरंजन और सामुदायिक गतिविधियों की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

इन केंद्रों का उद्देश्य केवल आश्रय प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक सहभागिता और मानसिक संतुलन का वातावरण देना है।
इन वृद्धाश्रमों में स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा गया है ताकि पीढ़ियों के बीच आपसी संवाद और सहयोग बना रहे।


🧓 डिजिटल युग में वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी

राज्य सरकार ने “डिजिटल सीनियर प्रोजेक्ट” शुरू किया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को स्मार्टफोन उपयोग, ऑनलाइन भुगतान, सरकारी पोर्टल्स और डिजिटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य है कि वृद्धजन भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें।

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शुरू किए गए “वरिष्ठ नागरिक डिजिटल कैफे” केंद्र इस दिशा में नई मिसाल हैं, जहां वृद्धजन न केवल इंटरनेट का उपयोग सीख रहे हैं, बल्कि अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरित भी कर रहे हैं।


💰 आर्थिक सशक्तिकरण — रोजगार और आत्मनिर्भरता की पहल

सरकार ने “स्वावलंबन वरिष्ठ योजना” के तहत उन वृद्ध नागरिकों को प्रोत्साहित किया है जो हस्तशिल्प, बागवानी, परंपरागत कला या सूक्ष्म व्यवसाय में सक्रिय रहना चाहते हैं।
उन्हें बैंक ऋण, प्रशिक्षण और विपणन सहायता दी जा रही है ताकि वे अपनी रुचियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।

इसके अलावा, राज्य के महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर वृद्ध महिलाओं के लिए “गृह आधारित रोजगार योजना” चलाई जा रही है।


👮 सुरक्षा और संरक्षण — ‘सीनियर हेल्पलाइन 14567’

वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गृह विभाग ने सीनियर सिटिजन हेल्पलाइन 14567 शुरू की है।
यह हेल्पलाइन 24×7 संचालित होती है और वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराती है।
इसके अलावा, पुलिस विभाग द्वारा हर वार्ड और ग्राम पंचायत में “सीनियर सिटिजन वॉलंटियर” नियुक्त किए गए हैं जो नियमित रूप से वृद्धजनों की समस्याओं की जानकारी लेते हैं।


🧡 संवेदनशील प्रशासन — सम्मान और सेवा का भाव

राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कई मौकों पर कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और मार्गदर्शन समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा —

“वृद्धजन समाज की नींव हैं। उनका सम्मान केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है। छत्तीसगढ़ उनके लिए सशक्त और सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों, और सार्वजनिक स्थलों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रतीक्षा क्षेत्र, पहली प्राथमिकता सेवा, और रियायती यात्रा सुविधा मिले।


🎭 सांस्कृतिक भागीदारी — सक्रिय जीवन की प्रेरणा

वरिष्ठ नागरिकों को समाज से जोड़े रखने के लिए संस्कृति विभाग ने “आनंदम वरिष्ठ उत्सव” शुरू किया है।
इसमें वरिष्ठ नागरिक संगीत, नृत्य, नाटक और चित्रकला प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
इस आयोजन का उद्देश्य है — उन्हें जीवन के प्रति नई ऊर्जा और सामाजिक जुड़ाव प्रदान करना।


🌟 छत्तीसगढ़ — वरिष्ठ नागरिक कल्याण का राष्ट्रीय मॉडल

छत्तीसगढ़ ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के क्षेत्र में ऐसा संतुलित और मानवीय मॉडल विकसित किया है, जिसकी चर्चा अब अन्य राज्यों में भी हो रही है।
संवेदनशील प्रशासन, समर्पित योजनाएं, और समाज की भागीदारी के कारण यह राज्य वृद्धजन सम्मान और कल्याण के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है।


✨ मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा —

“हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ का हर वरिष्ठ नागरिक आत्मसम्मान, सुरक्षा और गरिमा के साथ जीवन जी सके। यही सच्चे विकास का संकेत है।”


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.