रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि बस्तर क्षेत्र अब प्राकृतिक संपदा और नवाचार का अद्भुत संगम बनकर उभर रहा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और नवाचार आधारित पहलों की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी समृद्ध प्राकृतिक संपदा, वन संपदा और आदिवासी संस्कृति से है। अब इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिल रही है।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर चल रहे स्वरोजगार, हस्तशिल्प, वन उत्पाद प्रसंस्करण और अन्य नवाचार आधारित कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों की आय में वृद्धि हो रही है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए उनका सतत उपयोग किया जाए। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। साथ ही, नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए युवाओं और उद्यमियों को सहयोग दिया जाए।
स्थानीय लोगों और उद्यमियों ने भी राज्यपाल के इस दृष्टिकोण का स्वागत किया और कहा कि इससे उन्हें अपने कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर में प्राकृतिक संसाधनों के साथ नवाचार का संयोजन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राज्यपाल का यह बयान बस्तर के बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जहां परंपरा और आधुनिकता का संतुलित विकास हो रहा है। यह क्षेत्र अब विकास और संभावनाओं का नया केंद्र बनता जा रहा है।








