गरियाबंद में कांग्रेस ने बढ़ती बिजली दरों और ‘हाफ बिजली योजना’ बंद करने के विरोध में विशाल रैली निकाली। बिजली कार्यालय घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
गरियाबंद। प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों और ‘हाफ बिजली योजना’ बंद करने के विरोध में आज गरियाबंद में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन किया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जंगी रैली के रूप में सड़कों पर उतरे और बिजली कार्यालय का घेराव करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सुबह से ही गरियाबंद शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया था। कांग्रेस कार्यालय से “बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लो” और “जनता का शोषण बंद करो” जैसे नारों के साथ निकली यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बिजली कार्यालय पहुंची।
🚨 प्रशासन ने की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
कांग्रेस के इस विरोध को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए थे।
बिजली कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन नारेबाजी के दौरान माहौल कई बार जोशीला हो गया।
🎤 कांग्रेस नेताओं ने साधा भाजपा सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष भाव सिंह साहू ने कहा —
“भाजपा सरकार को जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है।
हाफ बिजली योजना खत्म करने के बाद आम उपभोक्ता पर महंगाई का पहाड़ टूट पड़ा है।
अगर सरकार ने बढ़ी बिजली दरों को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस सड़कों पर उग्र आंदोलन करेगी।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता भवानी शंकर शुक्ला ने भी कहा —
“कांग्रेस शासन में जनता को राहत मिली थी, लेकिन भाजपा के आने के बाद वही जनता फिर से संकट में है।
अब जनता चुप नहीं बैठेगी, सड़कों पर उतरकर जवाब देगी।”
⚡ ‘हाफ बिजली योजना’ बंद करने पर नाराजगी
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेंद्र साहू ने कहा —
“कांग्रेस सरकार के समय गरीबों और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए हाफ बिजली योजना शुरू की गई थी।
लेकिन भाजपा ने आते ही इस योजना को बंद कर जनता की जेब पर वार किया है।
आज हर घर बढ़ते बिलों से परेशान है, और कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।”
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रेम सोनवानी ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा —
“भाजपा के नेता बिजली बिलों की बढ़ोतरी पर मौन क्यों हैं?
क्या उनके घरों में मीटर अलग चलता है?
जनता के घरों में बढ़ते बिल से हाहाकार मचा है, सरकार को जवाब देना होगा।”
📢 जनता के समर्थन में कांग्रेस की एकजुटता
रैली में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल रहे।
हाफ़िज़ ख़ान, संजय नेताम, छगन यादव और संदीप सरकार सहित कई स्थानीय नेताओं ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में सरकार से ‘हाफ बिजली योजना’ को दोबारा शुरू करने और बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की।
रैली के दौरान पूरे शहर में “जनता का अधिकार वापस दो”, “महंगाई के खिलाफ कांग्रेस एकजुट” जैसे नारे गूंजते रहे।
⚔️ कांग्रेस की चेतावनी: “आंदोलन अब और तेज होगा”
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली, तो यह विरोध प्रदेशव्यापी आंदोलन में तब्दील हो जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा —
“यह सिर्फ शुरुआत है। अगर जनता की आवाज नहीं सुनी गई, तो आने वाले दिनों में पूरे छत्तीसगढ़ में बिजली विभाग के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा।”
भवानी शंकर शुक्ला ने कहा —
“भाजपा सरकार को जनता की नाराजगी समझनी चाहिए।
बिजली, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर अब कांग्रेस मैदान में है और यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।”
⚖️ जनता की प्रतिक्रिया
गरियाबंद के स्थानीय नागरिकों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया।
शहर के व्यापारी, किसान और घरेलू उपभोक्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे।
कई लोगों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बिजली बिल में 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
💡 पृष्ठभूमि: हाफ बिजली योजना का महत्व
‘हाफ बिजली योजना’ कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 50% की सब्सिडी दी जाती थी।
इससे लाखों परिवारों को राहत मिली थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे राजकोषीय बोझ बताते हुए बंद कर दिया, जिससे उपभोक्ताओं का बिल दोगुना हो गया।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने जनता से किया वादा तोड़ दिया और अब जनविरोधी नीतियों पर चल रही है।
📺 सोशल मीडिया पर भी दिखा असर
कांग्रेस की इस रैली का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
#BharatJodoChhattisgarh और #BijliAndolan जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कई यूजर्स ने लिखा — “गरियाबंद ने दिया संदेश, जनता अब जाग गई है।”
🏁 निष्कर्ष
गरियाबंद में कांग्रेस का यह प्रदर्शन केवल एक जिला स्तरीय विरोध नहीं, बल्कि एक राज्यव्यापी असंतोष की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
बढ़ती बिजली दरों, महंगाई और योजनाओं के बंद होने से परेशान जनता अब सड़कों पर उतर रही है।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी —
और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार राहत नहीं देती।








